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| 28 दिनों से ‘गायब’ विधायक प्रदीप पटेल: वायरल वीडियो से लेकर सियासी हमलों तक, भाजपा जिलाध्यक्ष का बयान आया सामने Aajtak24 News |
मऊगंज - मध्य प्रदेश के मऊगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल के अचानक क्षेत्र से दूर हो जाने से जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बीते 28 दिनों से क्षेत्र में उनकी अनुपस्थिति, मोबाइल फोन बंद रहना और एक वायरल वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने जहां तीखे सवाल खड़े किए, वहीं अब भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा का बयान सामने आया है, जिससे पार्टी का पक्ष स्पष्ट हुआ है। मऊगंज के भाजपा विधायक प्रदीप पटेल अपने आक्रामक और नाटकीय राजनीतिक अंदाज के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं—कभी धरना-प्रदर्शन, कभी थाने में गिरफ्तारी, तो कभी सरकारी दफ्तरों में विरोध जताना। लेकिन 3 जनवरी को हाईवे किनारे दो कांग्रेस नेताओं की जमीन पर अचानक पहुंचने और वहां विवाद में घिर जाने की घटना ने इस बार मामला गंभीर मोड़ पर पहुंचा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान लोगों ने विधायक को वहां से खदेड़ दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए विधायक को सुरक्षित थाने पहुंचाया। इस मामले में विधायक के पीए रामानंद की शिकायत पर पुलिस ने करीब डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद विधायक भोपाल रवाना हो गए और तब से क्षेत्र व जनता से उनका संपर्क लगभग पूरी तरह टूट गया। मोबाइल बंद रहा और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी नहीं देखी गई।
करीब 22 दिन बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें विधायक अपने परिवारजनों को घर से बाहर न निकलने, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने और आवश्यक सामान ऑनलाइन मंगाने की सलाह देते नजर आए। इस वीडियो ने क्षेत्र में दहशत और असुरक्षा की चर्चाओं को और तेज कर दिया। इसी बीच कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना और भाजपा के ही पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने प्रदीप पटेल पर तीखे सियासी हमले किए। सुखेंद्र सिंह बन्ना ने विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। वहीं लक्ष्मण तिवारी ने इसे “धन और धरती की लड़ाई” बताते हुए कहा कि यदि विधायक स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो उन्हें इस्तीफा देकर दोबारा जनता से जनादेश लेना चाहिए। इन तमाम आरोपों और अटकलों के बीच भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा का बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायक लापता नहीं हैं, बल्कि निजी कारणों से भोपाल में हैं और संगठन व सरकार के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने क्षेत्र में किसी भी प्रकार के भय या दहशत के माहौल से इनकार किया और प्रशासन की कार्यप्रणाली की सराहना की। वायरल वीडियो को उन्होंने एक पिता की सामान्य पारिवारिक चिंता बताया और कहा कि इसका गलत अर्थ निकालना उचित नहीं है। फिलहाल विधायक की लंबे समय से गैरमौजूदगी और पूरे घटनाक्रम ने मऊगंज की राजनीति में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब जनता अब भी तलाश रही है।
