| मनगवां तहसील में नायब तहसीलदार ने जर्जर लिप्टिस और अतिक्रमण के मामलों की मौके पर की जांच Aajtak24 News |
1. जर्जर लिप्टिस का निरीक्षण और सुरक्षा के निर्देश
निरीक्षण की शुरुआत गढ़ निवासी कुबेरनाथ त्रिपाठी द्वारा की गई शिकायत से हुई। श्री त्रिपाठी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर के ठीक सामने एक पुरानी और जर्जर लिप्टिस (नीलगिरी) का पेड़ खड़ा है, जो कभी भी धराशायी होकर किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे सकता है। जर्जर संरचना से ग्रामीणों के जीवन को खतरे की बात को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार ने मौके का जायजा लिया। उन्होंने पटवारी को निर्देश दिए कि उक्त संरचना से संबंधित पुराने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण किया जाए और सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल उचित कदम उठाए जाएं।
2. आयुर्वेद औषधालय के सामने अतिक्रमण पर एक्शन
निरीक्षण का दूसरा बड़ा मामला जितेंद्र सिंह द्वारा की गई शिकायत से संबंधित था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रमोद सिंह नामक व्यक्ति द्वारा आयुर्वेद औषधालय के सामने लंबे समय से अतिक्रमण किया गया है। सरकारी अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह के सामने अतिक्रमण की शिकायत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। प्रशासनिक टीम ने स्थल पर पहुँचकर स्थिति का अवलोकन किया और यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा हेतु संबंधित फाइल तलब की कि अतिक्रमित भूमि शासकीय है या निजी।
3. खेल मैदान की भूमि का सीमांकन और सत्यापन
गढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित खेल मैदान से संबंधित भूमि का भी प्रशासन द्वारा निरीक्षण किया गया। शिकायतें मिल रही थीं कि खेल मैदान के लिए आरक्षित भूमि पर भी दावेदारी की जा रही है। नायब तहसीलदार श्री मिश्रा ने मौके पर पहुँचकर जमीन की वास्तविक स्थिति और राजस्व अभिलेखीय तथ्यों का मिलान किया। उन्होंने निर्देश दिए कि खेल मैदान के लिए चिन्हित भूमि का सीमांकन स्पष्ट किया जाए ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश: अतिक्रमणकारी खुद हटा लें कब्जा
स्थल निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार अजय मिश्रा ने कड़े शब्दों में संदेश दिया। उन्होंने कहा—
"सभी मामलों में फाइल अवलोकन एवं राजस्व अभिलेखों की जांच उपरांत ही न्यायोचित निर्णय लिया जाएगा। यदि कहीं शासकीय भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित अतिक्रमणकारी को स्वयं संज्ञान लेकर हटाने का अवसर दिया जाएगा। अन्यथा पटवारी से प्रतिवेदन प्राप्त कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।"
उन्होंने दो टूक कहा कि शासकीय संपत्ति पर किसी भी प्रकार का नाजायज कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक अमला नियमों के तहत कार्रवाई करेगा और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीणों में बढ़ी उम्मीद
नायब तहसीलदार के इस धरातलीय निरीक्षण ने स्थानीय निवासियों के मन में विश्वास जगाया है कि लंबे समय से लंबित शिकायतों पर शीघ्र निर्णय होगा। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन के इस दौरे से अतिक्रमणकारियों में भय का माहौल है और सार्वजनिक भूमि को कब्जा मुक्त कराने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी।