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| खेत में काम करते समय काल बन गई 'बबली', पानी में डूबने से किसान की दर्दनाक मौत Aajtak24 News |
रीवा/गढ़ - रीवा जिले के गढ़ थाना अंतर्गत ग्राम लोरी नंबर-2 में सोमवार को एक ऐसा हादसा हुआ जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। गेहूं की फसल काट रहे एक किसान की पानी से भरी बबली (गड्ढे) में डूबने से मौत हो गई। रात भर चले सर्च ऑपरेशन के बाद जब सुबह शव मिला, तो उसकी स्थिति देख ग्रामीणों की रूह कांप उठी।
पैर फिसलने से हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, 47 वर्षीय अच्छे लाल साकेत (पिता संतु साकेत) रविवार शाम करीब 5 बजे अपने खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे। प्यास बुझाने या हाथ-मुंह धोने के लिए वे पास ही स्थित पानी से भरी बबली के पास गए, जहाँ अचानक पैर फिसलने से वे गहरे पानी और कीचड़ में समा गए। आस-पास किसी के न होने के कारण उन्हें समय पर मदद नहीं मिल सकी।
रात भर भटकते रहे परिजन, सुबह मिला क्षत-विक्षत शव
जब अच्छे लाल देर शाम तक घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों के साथ मिलकर रात भर खेतों और पानी के सोतों में उनकी तलाश की गई, लेकिन अंधेरे के कारण सफलता नहीं मिली। सोमवार सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों ने शव को पानी में उतराते देखा। चश्मदीदों के मुताबिक, रात भर पानी में रहने के कारण जलीय जीवों ने शव को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे दृश्य अत्यंत विचलित करने वाला था।
पुलिस की कार्रवाई और पीएम
घटना की सूचना पर गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पांडे के निर्देश पर एएसआई एच.डी. वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए मनगवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला दुर्घटना का लग रहा है, लेकिन असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अच्छे लाल अपने पीछे तीन बच्चों और पत्नी का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घर के मुखिया की इस आकस्मिक मौत से परिवार के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल सरकारी सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाए।
