![]() |
| चाकघाट RTO चेकपोस्ट बना 'वसूली का अड्डा': ट्रक चालक को 20 लाठी मारने की धमकी, चाबी छीनी, वीडियो वायरल Aajtak24 News |
रीवा - मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित चाकघाट आरटीओ चेकपोस्ट एक बार फिर विवादों के घेरे में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक सनसनीखेज वीडियो ने चेकपोस्ट पर जारी संगठित अवैध वसूली और गुंडागर्दी की पोल खोलकर रख दी है। वीडियो में कथित दलाल और आरटीओ कर्मी एक ट्रक चालक को न केवल धमका रहे हैं, बल्कि उसकी गाड़ी की चाबी तक छीनते नजर आ रहे हैं।
धमकी और झूठे आरोपों का खेल वायरल वीडियो दो से तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि चेकपोस्ट पर तैनात तीन व्यक्ति एक ट्रक को रोककर अवैध वसूली का दबाव बना रहे हैं। जब चालक ने पैसे देने से इनकार किया और विरोध जताया, तो वहां मौजूद लोगों ने उसे "20 लाठी मारने" की धमकी दी। ट्रक चालक की बहादुरी वीडियो में कैद हुई है, जहाँ वह कहता सुनाई दे रहा है— "तुम मुझे बाहरी समझकर धमका रहे हो, मारना है तो मारो।"
वीडियो देख बौखलाए दलाल, रची साजिश जैसे ही चेकपोस्ट पर मौजूद लोगों को एहसास हुआ कि चालक उनका वीडियो बना रहा है, उन्होंने अपना पैंतरा बदल लिया। एक व्यक्ति जबरन ट्रक के केबिन में घुसने की कोशिश करने लगा और पकड़े जाने के डर से चालक पर ही झूठा आरोप मढ़ दिया कि "तुमने मेरी गाड़ी में टक्कर मारी है।" इसी गहमागहमी के बीच, एक शख्स ने खिड़की से हाथ डालकर ट्रक की चाबी निकाल ली, ताकि चालक वहां से भाग न सके।
सरकार की छवि पर दाग, पुराने चेकपोस्ट भी 'वसूली' के केंद्र यह पहली बार नहीं है जब चाकघाट चेकपोस्ट से ऐसी तस्वीरें आई हैं। इससे पहले एक ट्रक चालक द्वारा दलाल को बोनट पर लटकाकर ले जाने का मामला भी सुर्खियां बटोर चुका है। स्थानीय लोगों और ट्रक ऑपरेटरों का आरोप है कि चाकघाट के साथ-साथ सुहागी और हनुमना चेकपोस्ट पर भी 24 घंटे अवैध वसूली का खेल चलता है।
प्रशासनिक संरक्षण का आरोप प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास गृह मंत्रालय होने के बावजूद रीवा और मऊगंज जिले में इस तरह की अराजकता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता के बीच चर्चा है कि क्या इन दलालों को किसी ऊंचे स्तर का संरक्षण प्राप्त है? इस तरह की घटनाओं से न केवल मध्य प्रदेश की छवि पड़ोसी राज्यों में खराब हो रही है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के दावों पर भी तमाचा है। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो के बाद क्या परिवहन विभाग इन 'दलालों' पर कार्रवाई करेगा या यह वसूली तंत्र यूं ही बेखौफ चलता रहेगा।
