भाजपा के 'रामराज' में खाकी का 'रावणराज'! मऊगंज पुलिस पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना और फर्जी मुकदमे के आरोप Aajtak24 News

भाजपा के 'रामराज' में खाकी का 'रावणराज'! मऊगंज पुलिस पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना और फर्जी मुकदमे के आरोप Aajtak24 News

मऊगंज - जिले में खाकी की साख पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि मऊगंज पुलिस के एक उपनिरीक्षक (SI) अपनी व्यक्तिगत रंजिश और बदले की भावना के चलते सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की भी अनदेखी कर रहे हैं। भाजपा के जिस 'रामराज' का दावा सरकार करती है, वहां मऊगंज के समाजसेवी और अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंजबिहारी तिवारी के खिलाफ पुलिस की कथित तानाशाही चर्चा का विषय बनी हुई है।

शातिर अपराधी को पनाह, समाजसेवी पर वार क्षेत्र में चर्चा है कि जहाँ एक ओर मऊगंज पुलिस सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजायाफ्ता और फरार शराब कारोबारी राजू सिंह को कथित रूप से संरक्षण दे रही है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवी कुंजबिहारी तिवारी को फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिशें रची जा रही हैं। आरोप है कि उपनिरीक्षक जगदीश सिंह ठाकुर ने बेशर्मी की सारी हदें पार करते हुए तिवारी के खिलाफ एक और फर्जी केस दर्ज किया है।

जब अयोध्या में थे कुंजबिहारी, तब मऊगंज में कैसे फैला दी अशांति? इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली तब संदिग्ध हो गई जब कुंजबिहारी तिवारी ने साक्ष्यों के साथ अपनी मौजूदगी का खुलासा किया। रिकॉर्ड के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 की सुबह से 1 जनवरी 2026 की दोपहर तक कुंजबिहारी प्रयागराज और अयोध्या धाम की यात्रा पर थे। सवाल यह उठता है कि जो व्यक्ति सैकड़ों किलोमीटर दूर भगवान राम की शरण में था, उसने मऊगंज में दंगा उकसाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी हरकत कैसे कर दी?

जिला बदर की तैयारी और फर्जी इस्तगासा अगस्त क्रांति मंच का आरोप है कि SI जगदीश ठाकुर ने कुंजबिहारी तिवारी को 'खतरनाक अपराधी' बताते हुए एसडीएम न्यायालय में इस्तगासा पेश किया है और उन्हें जिला बदर कराने की फिराक में हैं। समाजसेवी के समर्थकों का कहना है कि यह केवल उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार विरोधी खुलासों का बदला लेने के लिए किया जा रहा है।

जनता के सवाल इस घटना ने मऊगंज जिला प्रशासन और कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या जिले में पुलिस नियम-कायदों से ऊपर हो गई है? क्या भक्ति मार्ग पर निकले किसी व्यक्ति को अपराधी घोषित कर देना ही 'रामराज' की पुलिस का काम है?

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