गंगेव में PWD के 'गैंगहट' पर कब्जा, माफिया ने रातों-रात ढहा दिया सरकारी भवन; प्रशासन अब भी सुस्त! Aajtak24 News

गंगेव में PWD के 'गैंगहट' पर कब्जा, माफिया ने रातों-रात ढहा दिया सरकारी भवन; प्रशासन अब भी सुस्त! Aajtak24 News

रीवा/मनगवां - रीवा जिले के मनगवां अनुविभाग अंतर्गत गंगेव में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और सरकारी भवन को खुर्द-बुर्द करने का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। यहाँ पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) के 'गैंगहट' भवन को न केवल अवैध रूप से कब्जाया गया, बल्कि उसे रातों-रात जमींदोज भी कर दिया गया। इस पूरे मामले में मढ़ीकला निवासी सौखीलाल गुप्ता का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आ रहा है।

सरकारी भवन को ढहाने का दुस्साहस

मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 31 अक्टूबर 2025 की काली रात में अज्ञात तत्वों द्वारा गंगेव सेक्शन के गैंगहट भवन को पूरी तरह गिरा दिया गया। उपयंत्री (PWD) ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि इस स्थान पर सौखीलाल गुप्ता द्वारा लगातार अतिक्रमण का प्रयास किया जाता रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि सरकारी भवन गिराने जैसी संगीन वारदात के 3 महीने बाद भी पुलिस और प्रशासन ने कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है।

प्रशासनिक पत्राचार और PWD की शिकायत

हाल ही में 8 जनवरी 2026 को मनगवां PWD उपसंभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने एसडीएम मनगवां को एक कड़ा पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सौखीलाल गुप्ता (पिता जगदीश गुप्ता) द्वारा शासकीय जमीन पर अतिक्रमण करने से विभागीय कार्यों में भारी अवरोध उत्पन्न हो रहा है। विभाग ने राजस्व टीम से जमीन का सीमांकन कराने और अतिक्रमण को तत्काल हटाने का अनुरोध किया है।

सफेदपोशों की भूमिका पर सवाल

क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर एक व्यक्ति इतना दुस्साहसी कैसे हो सकता है कि वह सरकारी भवन को ही गिरा दे? स्थानीय लोगों की मानें तो इस मामले में कहीं न कहीं "सफेदपोश राजनेताओं" का मौन संरक्षण प्राप्त है। जहाँ एक ओर रीवा जिला प्रशासन बदवार और चिरहुला जैसे क्षेत्रों में 4-4 एकड़ सरकारी जमीन मुक्त कराकर 'बुलडोजर एक्शन' की वाहवाही लूट रहा है, वहीं गंगेव के इस मामले में विभाग सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाने तक सीमित नजर आ रहा है।

पुलिस और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली

PWD द्वारा इस मामले की प्रतिलिपि कार्यपालन यंत्री, नायब तहसीलदार गंगेव और थाना प्रभारी मनगवां को भी भेजी गई है। लेकिन धरातल पर अब तक न तो सीमांकन हुआ है और न ही भवन गिराने वालों पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है। प्रशासन का यह 'ठंडा रुख' अपराधियों के हौसले बुलंद कर रहा है। यदि प्रशासन ने समय रहते इस मामले में सख्त रुख नहीं अपनाया, तो करोड़ों की शासकीय भूमि निजी हाथों में चली जाएगी। जनता अब कलेक्टर रीवा से मांग कर रही है कि इस मामले में विशेष दल गठित कर 'बुलडोजर एक्शन' लिया जाए और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों को जेल भेजा जाए।



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