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| रीवा में 'तालिबानी' सजा का अंत: चोरी के शक में नाबालिग को उल्टा लटकाकर पीटा, पुलिस ने 'सीन रिक्रिएट' कर आरोपियों को सिखाया सबक Aajtak24 News |
रीवा - विंध्य क्षेत्र के रीवा जिले से एक ऐसा रूहानी वीडियो सामने आया जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। गढ़ थाना क्षेत्र के कटरा गांव में एक नाबालिग लड़के के साथ की गई अमानवीय क्रूरता का वीडियो वायरल होने के बाद, रीवा पुलिस ने 'सिंघम' अवतार दिखाते हुए आरोपियों को उनके अंजाम तक पहुँचा दिया है। पुलिस ने न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि घटनास्थल पर ले जाकर अपराध का दृश्य भी दोहराया (Scene Creation), ताकि समाज में कड़ा संदेश जा सके।
रहम की भीख मांगता रहा मासूम, बरसते रहे बेल्ट और डंडे
घटना कटरा गांव की है, जहां महज चोरी के संदेह में दो दबंगों ने कानून को हाथ में लेते हुए न्याय का अपना 'खौफनाक' तरीका अपनाया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक नाबालिग बच्चे को उल्टा लटकाया गया, उसे जमीन पर पटक-पटक कर बेल्ट और डंडों से पीटा गया। बच्चा चीखता रहा, हाथ जोड़कर जान की भीख मांगता रहा, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा तो यह थी कि आरोपियों ने खुद इस कृत्य का वीडियो बनाया और अपनी 'मर्दानगी' दिखाने के लिए उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
पुलिस का 'स्वतः संज्ञान': जब खाकी ने दिखाई तत्परता
आमतौर पर पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप लगते हैं, लेकिन इस मामले में रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) ने मिसाल पेश की। पीड़ित परिवार आरोपियों के डर और रसूख के कारण थाने तक पहुँचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लिया। SP रीवा के कड़े निर्देशों पर गढ़ थाना पुलिस ने तत्काल टीम गठित की और साइबर सेल की मदद से आरोपियों व पीड़ित की पहचान सुनिश्चित की। पुलिस ने दबिश देकर दोनों मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।
हत्या के प्रयास का मामला दर्ज, 'सीन रिक्रिएशन' से थर्राए आरोपी
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों को उसी घटनास्थल पर ले गई जहाँ उन्होंने नाबालिग को पीटा था। वहां पूरे घटनाक्रम का 'सीन रिक्रिएट' किया गया। कानून का यह सख्त रुख देखकर क्षेत्र के अन्य असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
अवैध सजा के खिलाफ सख्त संदेश
इस कार्रवाई के माध्यम से रीवा पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी ने अपराध किया है, तो उसकी सजा तय करना न्यायालय का काम है, न कि किसी सड़क चलते व्यक्ति का। नाबालिग के साथ हुई इस हैवानियत पर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने जनता के बीच खोते हुए विश्वास को बहाल करने का काम किया है।
अपराधियों के लिए चेतावनी
रीवा पुलिस की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक खुली चेतावनी है जो खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। 'सादे कागज' पर शिकायत टालने वाली छवि के बीच गढ़ पुलिस की इस सक्रियता ने यह साबित किया है कि यदि पुलिस ठान ले, तो अपराधियों की जगह केवल जेल की सलाखों के पीछे ही होगी।
