रीवा-मऊगंज में GST चोरी का 'सिंडिकेट': बिना रजिस्ट्रेशन चल रही दुकानें, सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत Aajtak24 News

रीवा-मऊगंज में GST चोरी का 'सिंडिकेट': बिना रजिस्ट्रेशन चल रही दुकानें, सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत Aajtak24 News

रीवा - मध्य प्रदेश के रीवा और नवगठित मऊगंज जिले में इन दिनों वस्तु एवं सेवा कर (GST) की चोरी का खेल बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। व्यापारिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि क्षेत्र के कई रसूखदार व्यापारी बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के अपनी दुकानें संचालित कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि विभागीय अधिकारियों की नाक के नीचे चल रहे इस खेल के बावजूद प्रशासन मौन साधे बैठा है।

हर सेक्टर में टैक्स की सेंधमारी

स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल में सामने आया है कि किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोटर पार्ट्स, कपड़ा और बिल्डिंग मटेरियल जैसे बड़े टर्नओवर वाले व्यवसायों में GST नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कई व्यापारियों ने या तो रजिस्ट्रेशन कराया ही नहीं है, और जिनके पास रजिस्ट्रेशन है, वे फर्जी बिलिंग या 'अंडर-बिलिंग' के जरिए निर्धारित मासिक टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। इससे न केवल सरकारी राजस्व को भारी क्षति हो रही है, बल्कि उन ईमानदार व्यापारियों के लिए भी संकट खड़ा हो गया है जो समय पर टैक्स भरते हैं।

'मासिक चार्ज' और भ्रष्टाचार के आरोप

सूत्रों के हवाले से यह गंभीर बात निकलकर सामने आ रही है कि टैक्स चोरी का यह कारोबार अकेले नहीं चल रहा। चर्चा है कि जब भी किसी व्यापारी पर नियमों का दबाव बनाया जाता है, तो कथित तौर पर 'मासिक चार्ज' (सुविधा शुल्क) तय कर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। विभागीय कार्रवाई का अभाव इस आशंका को और बल देता है कि कहीं रक्षक ही भक्षक तो नहीं बन गए हैं?

जनता में आक्रोश, जांच की मांग

आम नागरिकों का कहना है कि जब एक सामान्य व्यक्ति से हर छोटी वस्तु पर टैक्स वसूला जाता है, तो इन बड़े मगरमच्छों पर प्रशासन उदार क्यों है? स्थानीय लोगों और कुछ व्यापारिक संगठनों ने वाणिज्यिक कर विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि रीवा और मऊगंज के व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाए।

यदि समय रहते इस संगठित टैक्स चोरी पर लगाम नहीं लगाई गई, तो सरकारी राजस्व को होने वाला घाटा विकास कार्यों की गति को धीमा कर देगा। अब देखना यह है कि प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागता है या टैक्स चोरी का यह खेल यूं ही बदस्तूर जारी रहता है।

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