उनौला में चार दिवसीय कातिन बुनकर प्रशिक्षण शुरू, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का नया अवसर Aajtak24 News

उनौला में चार दिवसीय कातिन बुनकर प्रशिक्षण शुरू, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का नया अवसर Aajtak24 News

गोरखपुर/पिपराइच - ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और पारंपरिक शिल्प को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से गोरखपुर के उनौला (पिपराइच) में चार दिवसीय 'कातिन बुनकर प्रशिक्षण' कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। सेवा निकेतन के तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में क्षेत्र के बुनकरों और उद्यमी महिलाओं को खादी एवं धागा उत्पादन की बारीकियों से रूबरू कराया जा रहा है।

विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक ज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक निट्रा (NITRA) गाजियाबाद के विशेषज्ञ आत्मा राम यादव हैं। उन्होंने पहले दिन प्रतिभागियों को फाइबर (रेशा) के विभिन्न प्रकारों, उनकी गुणवत्ता की पहचान और उनके सही प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण का मुख्य जोर इस बात पर है कि कैसे कम लागत में बेहतर उत्पादन कर बाजार में अपनी जगह बनाई जाए।

सरकारी योजनाओं और बोनस की जानकारी सेवा निकेतन के संचालक यशवंत श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए धागा निर्माण और कातिन के व्यावसायिक उपयोग की विधि समझाई। उन्होंने विशेष रूप से खादी बोर्ड द्वारा बुनकरों को दिए जाने वाले बोनस, सब्सिडी और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया, ताकि बुनकर इन सुविधाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें।

महिलाओं के लिए स्वरोजगार की राह डिजिटल सखी परियोजना की ज्वाइंट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर गीता कौर ने शिविर में मौजूद महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के दौर में महिलाएं केवल बुनकर नहीं, बल्कि उद्यमी बन रही हैं। उन्होंने संस्था द्वारा दी जाने वाली 'हैंडहोल्डिंग सपोर्ट' और स्वरोजगार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान डिजिटल सखी रंजना यादव सहित कई अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।

आजीविका संवर्धन में सहायक यह चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्र के बुनकर समुदाय के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। प्रतिभागियों का मानना है कि इस तरह के तकनीकी प्रशिक्षण से न केवल उनके कौशल में निखार आएगा, बल्कि आजीविका के नए स्रोत भी खुलेंगे। चार दिनों तक चलने वाले इस शिविर में उत्पादन की व्यवहारिक जानकारी के साथ-साथ बाजार प्रबंधन के गुर भी सिखाए जाएंगे।



Post a Comment

Previous Post Next Post