| रेत माफियाओं के आगे नतमस्तक खनिज, पुलिस और राजस्व अमला Aajtak24 News |
रीवा - त्यौंथर तहसील के क्षेत्र अमिलकोनी टोक और बरुआ घाट में रेत माफियाओं का आतंक खुलेआम देखने को मिल रहा है। नियम-कानून को ताक पर रखकर दिन-रात भारी मशीनों से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है, लेकिन खनिज विभाग, पुलिस और राजस्व अमला आंख मूंदे बैठा है। हालात ऐसे हैं मानो पूरा प्रशासन तंत्र रेत माफियाओं के आगे नतमस्तक हो चुका हो।सूत्रों की मानें तो बरुआ टोक में बिना अनुमति हैवी मशीनें नदी की छाती चीर रही हैं। काफी समय से लंबा खेल जारी है न तो पर्यावरण की चिंता है, न ही शासन के नियमों की। अवैध खनन से नदी का अस्तित्व खतरे में है, वहीं शासन को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्थानीय लोगों द्वारा कई बार खनिज, राजस्व और स्थानीय थानों सहित सीएम हेल्प लाइन में शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से बचते नजर आ रहे हैं। कहीं न कहीं मिलीभगत की बू आ रही है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।