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| भोपाल में भक्ति की बयार: 'एक शाम छींद वाले दादा जी के नाम' संपन्न, सांसद और महापौर समेत उमड़ा जनसैलाब Aajtak24 News |
भोपाल - राजधानी भोपाल में अध्यात्म और सेवा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को आयोजित होने वाली भक्ति-श्रृंखला के अंतर्गत 'संगीतमय 31वां पाठ' शनिवार को विशालता, भव्यता एवं दिव्यता के साथ संपन्न हुआ। 'एक शाम छींद वाले दादा जी के नाम' विषय पर आधारित यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि सामाजिक सरोकार का भी गवाह बना।
7 जिलों और 19 तहसीलों से जुटे श्रद्धालु
इस आयोजन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के 7 अलग-अलग जिलों और 19 तहसीलों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। पूरा वातावरण हनुमान जी के भजनों और छींद वाले दादा जी के जयकारों से गुंजायमान रहा। संगीत की लहरों के बीच भक्तों ने सामूहिक पाठ कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
सम्मान और सेवा की त्रिवेणी
आयोजन के दौरान धर्म के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दी गई। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण इस प्रकार रहे:
जन्मदिन एवं वर्षगांठ सम्मान: 41 सनातन धर्म प्रेमियों को उनके जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर मंच से सम्मानित कर आशीर्वाद प्रदान किया गया।
रामायण वितरण: 'राम का आधार = रामायण' योजना के तहत 14 महानुभावों को अर्थ सहित श्रीरामचरितमानस की पवित्र प्रतियां भेंट की गईं, ताकि घर-घर रामायण का संदेश पहुँचे।
पंचांग वितरण: नवीन वर्ष के उपलक्ष्य में 251 गणमान्य जनों को पंचांग कैलेंडर वितरित किए गए।
दिग्गज हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में यज्ञाचार्य श्री वेदाचार्य जी महाराज (वीकलपुर) की पावन उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इसके साथ ही राजनीति और समाजसेवा जगत की प्रमुख हस्तियों ने भी शिरकत की:
भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा एवं पूर्व सांसद सुश्री प्रज्ञा दीदी महाराज।
विधायक श्री भगवान दास सबनानी एवं महापौर श्रीमती मालती राय।
वरिष्ठ समाजसेवी श्री कैलाश मिश्रा एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री विवेक त्रिपाठी।
इनके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी संगठनों के प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
अगला आयोजन: महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर
आयोजन समिति ने घोषणा की है कि श्रृंखला का अगला '32वां संगीतमय पाठ' 14 फरवरी, 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह दिन विशेष होगा क्योंकि यह महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या (फरवरी का दूसरा शनिवार) पर पड़ेगा। इस अवसर पर श्रीरामचरितमानस के साथ-साथ श्री शिवमहापुराण का भी वितरण किया जाएगा। भजन, संगीत और आध्यात्मिक प्रसाद वितरण के साथ देर रात यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भक्तों ने इसे भोपाल की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को सहेजने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन बताया।

