'बाबर द क्वेस्ट फॉर हिंदुस्तान' प्रदर्शनी पर रोक की मांग, आयोजकों पर केस दर्ज करने की चेतावनी Aajtak24 News

 'बाबर द क्वेस्ट फॉर हिंदुस्तान' प्रदर्शनी पर रोक की मांग, आयोजकों पर केस दर्ज करने की चेतावनी Aajtak24 News

भोपाल  - राजधानी के प्रतिष्ठित कला केंद्र भरत भवन में आयोजित होने वाली एक रंगदर्शनी (प्रदर्शनी) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा प्रायोजित "बाबर: द क्वेस्ट फॉर हिंदुस्तान" नामक इस प्रदर्शनी पर रोक लगाने के लिए हिंदू उत्सव समिति (रजि.) ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने श्यामला हिल्स थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर इस आयोजन को तत्काल बंद करने और आयोजकों पर प्रकरण दर्ज करने की मांग की।

आक्रमणकारी के महिमामंडन पर आपत्ति थाना प्रभारी को सौंपे गए ज्ञापन में हिंदू उत्सव समिति ने स्पष्ट कहा कि बाबर एक विदेशी आक्रमणकारी था, जिसने भारत पर हमला कर अनगिनत मंदिरों का विध्वंस किया और हिंदुओं का नरसंहार किया। समिति का आरोप है कि 'बाबरनामा' और फारसी पांडुलिपियों के बहाने बाबर के जीवन और उसके अभियानों को एक "नए दृष्टिकोण" से पेश करना ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ है। समिति के अनुसार, ऐसे व्यक्ति का महिमामंडन करना देशभक्ति की भावनाओं के विरुद्ध है और इससे समाज में असंतोष फैल सकता है।

प्रदर्शनी का स्वरूप गौरतलब है कि यह प्रदर्शनी बाबर की जीवनी, उसके प्रारंभिक जीवन और हिंदुस्तान में मुगल साम्राज्य की नींव रखने के दौरान आई चुनौतियों और उसके आकर्षण को दर्शाने के लिए आयोजित की जा रही है। आयोजन में पेंटिंग्स और पांडुलिपियों के माध्यम से मुगल काल के प्रारंभिक इतिहास को दिखाने का प्रयास किया गया है, जिसे हिंदू उत्सव समिति ने "भारत की भूमि के प्रति क्रूरता" को छिपाने की कोशिश करार दिया है।

कार्यकर्ताओं की मांग ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से हेमंत शर्मा, छोटेलाल गिरी, निलेश राजपूत और नीलेश नामदेव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि भरत भवन जैसे कला के मंदिर में किसी विध्वंसक का चित्रण कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस कार्यक्रम पर शीघ्र रोक लगाई जाए, अन्यथा समिति उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।


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