मऊगंज जिले की गौशाला में हैवानियत की हद: दो बैलों को पीटकर बांधा, मरने के लिए छोड़ा—सरपंच ने खोली व्यवस्था की पोल Aajtak24 News

 मऊगंज जिले की गौशाला में हैवानियत की हद: दो बैलों को पीटकर बांधा, मरने के लिए छोड़ा—सरपंच ने खोली व्यवस्था की पोल Aajtak24 News

मऊगंज - मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो गौ-रक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। हनुमना जनपद की दामोदरगढ़ गौशाला में दो निरीह बैलों के साथ की गई दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। मऊगंज जिले के हनुमना जनपद अंतर्गत ग्राम दामोदरगढ़ की गौशाला में गांव के ही कुछ सरहंग तत्वों द्वारा की गई अमानवीय हरकत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि इन लोगों ने पहले दो बैलों को बेरहमी से पीटा, डंडों से मारा और फिर उन्हें घसीटते हुए गौशाला तक लाया गया। इसके बाद दोनों बैलों के पैर रस्सियों से कसकर बांध दिए गए और उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया गया। दर्द और प्यास से तड़पते गौवंश घंटों तक जमीन पर गिरे रहे। सूचना मिलते ही ग्राम सरपंच हर्षलाल कोल तत्काल गौशाला पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर वे भी स्तब्ध रह गए। सरपंच ने तत्काल बैलों के बंधे पैर खुलवाए, उन्हें पानी पिलाया और उनकी जान बचाने का प्रयास किया।

सरपंच हर्षलाल कोल ने गांव के ही कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यही लोग लगातार गौशाला की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जब वे ऐसे मामलों का विरोध करते हैं, तो उन्हें धमकियां दी जाती हैं, ताकि वे चुप रहें। यह न सिर्फ गौशालाओं की सुरक्षा पर सवाल है, बल्कि ईमानदारी से आवाज उठाने वालों के संरक्षण की कमी को भी उजागर करता है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन ऐसे दरिंदों पर सख्त कार्रवाई करेगा? क्या गौशालाएं वास्तव में सुरक्षित हैं? और क्या सच बोलने वालों को न्याय व सुरक्षा मिलेगी? यह घटना व्यवस्था की पोल खोलती है और त्वरित कार्रवाई की मांग करती है।




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