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| भ्रूण लिंग जांच बताने वाले बनेंगे 'लखपति': रीवा में मुखबिर को मिलेंगे 2 लाख रुपए, पहचान रहेगी गुप्त Aajtak24 News |
रीवा - बेटियों को बचाने और लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए रीवा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने 'मुखबिर प्रोत्साहन योजना' को लेकर सख्त और आकर्षक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने स्पष्ट किया है कि गर्भस्थ शिशु के लिंग निर्धारण की सूचना देने वाले व्यक्ति को शासन द्वारा 2 लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
गोपनीयता की गारंटी और पुरस्कार का गणित
विभाग के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुरस्कार राशि को अलग-अलग चरणों में वितरित किया जाएगा:
पहला चरण (केस दर्ज होने पर): जैसे ही सूचना के आधार पर प्रकरण दर्ज होकर न्यायालय में चालान पेश होगा, 1 लाख 25 हजार रुपए की राशि जारी की जाएगी। इसमें से 50 हजार रुपए सीधे मुखबिर को मिलेंगे।
दूसरा चरण (अपराध सिद्ध होने पर): न्यायालय में दोष सिद्ध होने पर 75 हजार रुपए की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिसमें मुखबिर का हिस्सा 30 हजार रुपए होगा।
स्टिंग ऑपरेशन के लिए भी विशेष प्रावधान
यदि कोई टीम या व्यक्ति स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से इस काले कारोबार का भंडाफोड़ करता है, तो उसके लिए भी इनाम तय है:
सफल स्टिंग पर: मुखबिर को 50 हजार, सहयोगी महिला (डिकाय) को 20 हजार और अन्य सहयोगी को 10 हजार रुपए तत्काल दिए जाएंगे।
न्यायालय में जीत पर: अपराध सिद्ध होने पर मुखबिर को फिर से 30 हजार और सहयोगी महिला को 10 हजार रुपए का इनाम मिलेगा।
अधिकारियों को भी प्रोत्साहन
योजना के तहत केवल जनता ही नहीं, बल्कि केस को मजबूती से लड़ने वाले अधिकारियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। जिला नोडल अधिकारी (PC & PNDT) और अभियोजन अधिकारी (Prosecution Officer) को भी केस की सफलता के आधार पर 10 हजार से 50 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
अपील: लिंग चयन और भ्रूण हत्या एक जघन्य अपराध है। यदि आपके आस-पास कोई भी क्लिनिक या डॉक्टर इस अवैध कार्य में संलिप्त है, तो तुरंत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को सूचित करें और समाज सुधार के साथ-साथ शासन की योजना का लाभ उठाएं।
