उच्च शिक्षा विभाग के आदेश की उड़ रही धज्जियां; 15 दिन बाद भी नीरजा नामदेव को नहीं मिला कुलसचिव का प्रभार Aajtak24 News

उच्च शिक्षा विभाग के आदेश की उड़ रही धज्जियां; 15 दिन बाद भी नीरजा नामदेव को नहीं मिला कुलसचिव का प्रभार Aajtak24 News

रीवा - मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा जारी स्पष्ट आदेशों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन में एक अजीबोगरीब गतिरोध बना हुआ है। शासन ने आदेश क्रमांक [आदेश संख्या] दिनांक 24.12.2025 के माध्यम से डिप्टी रजिस्ट्रार नीरजा नामदेव को कुलसचिव (Registrar) का प्रभार सौंपने का आदेश जारी किया था, लेकिन विडंबना यह है कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया है।

अकादमिक व्यवस्थाएं हुई ध्वस्त: शासन के आदेश की अनदेखी का सीधा असर विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में विश्वविद्यालय की समस्त शैक्षणिक और अकादमिक व्यवस्थाएं पूरी तरह पटरी से उतर चुकी हैं। महत्वपूर्ण फाइलों पर निर्णय नहीं हो पा रहे हैं और प्रशासनिक असमंजस के कारण छात्रों के हित भी प्रभावित हो रहे हैं।

कुलपति की भूमिका पर उठे सवाल: विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किन कारणों से माननीय कुलपति महोदय द्वारा शासन के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है? न तो पुराने कुलसचिव को कार्यमुक्त (Relieve) किया गया है और न ही नई नियुक्ति को प्रभावी बनाया गया है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक अनुशासन का उल्लंघन है, बल्कि विभाग की साख पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।

कार्यवाही की मांग: विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्टाफ और जागरूक नागरिकों ने कुलपति से मांग की है कि शासन द्वारा 24 दिसंबर 2025 को जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। यदि जल्द ही नीरजा नामदेव को प्रभार नहीं सौंपा गया, तो विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अराजकता और अधिक बढ़ सकती है।



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