दिल्ली के रिठाला में फैक्ट्री में भीषण आग: 4 की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल; NOC न होने पर उठे सवाल saval Aajtak24 News


दिल्ली के रिठाला में फैक्ट्री में भीषण आग: 4 की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल; NOC न होने पर उठे सवाल saval Aajtak24 News

नई दिल्ली - राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बुध विहार थाना इलाके स्थित रिठाला की एक चार मंजिला फैक्ट्री में सोमवार रात को लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिसमें चार लोगों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है। एक और श्रमिक मामूली रूप से घायल हुआ है. यह दर्दनाक हादसा रिठाला के राणा कॉम्प्लेक्स, गेट नंबर-2 में हुआ, जिसने फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आग का तांडव और भयावह मंजर

सोमवार शाम करीब 7:29 बजे पुलिस को एक फैक्ट्री में आग लगने और कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही बुध विहार थाने की पुलिस टीम, इमरजेंसी अफसर और दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हो गईं। आग इतनी भयावह थी कि उसने पूरी चार मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया. इमारत की निचली दो मंजिलों पर रेडीमेड बैग और प्लास्टिक बैग्स की फैक्ट्री चल रही थी, जिसे मालिक सुरेश बंसल के बेटे नितिन बंसल (31) चला रहे थे। दूसरी मंजिल पर आनंद नामक शख्स फैब्रिक का काम कर रहा था, जबकि तीसरी और चौथी मंजिल को गोदाम के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था, जहाँ 69 साल के राकेश अरोड़ा डिस्पोजेबल सामान बनाने का काम करते थे।

मौत और जीवन के बीच संघर्ष

आग लगने के तुरंत बाद CATS एंबुलेंस ने तीन घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें फैक्ट्री मालिक के बेटे नितिन बंसल और एक श्रमिक राकेश (30) शामिल थे, जो 80% तक जल चुके थे. दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें डॉ. बीएसए अस्पताल से आरएमएल अस्पताल रेफर कर दिया गया। तीसरे घायल श्रमिक वीरेंद्र (25) को हल्की चोटें आईं और उनका इलाज जारी है।

दुर्भाग्यवश, देर रात करीब 1:15 बजे दमकल कर्मियों को पहली मंजिल से तीन जली हुई लाशें बरामद हुईं, जिनकी पहचान करना मुश्किल था। इन शवों को डॉ. बीएसए अस्पताल भिजवाया गया। बाद में, तलाशी अभियान के दौरान एक और शव बरामद होने से मरने वालों की संख्या चार हो गई. सभी शवों को आंबेडकर अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया गया है, और उनकी शिनाख्त का प्रयास जारी है। फैक्ट्री के अंदर का मंजर इतना भयावह था कि उसे देखकर लोगों की रूह कांप उठी।

अग्नि शमन अभियान और जांच

आग पर काबू पाने के लिए रातभर दमकल की दर्जनों गाड़ियां लगी रहीं. मंगलवार सुबह 6 बजे तक ग्राउंड फ्लोर, पहली और दूसरी मंजिल की आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन तीसरी और चौथी मंजिल पर अभी भी धुआं और आग का असर बना हुआ था। बाद में सुबह 9 बजे तक तीसरी मंजिल पर भी आग पर काबू पाया गया, लेकिन पूरी बिल्डिंग की तलाशी अभी भारी धुएं के कारण बाकी थी।

मौके पर फायर ब्रिगेड, पुलिस और एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीमें मौजूद हैं, जो आग लगने के वास्तविक कारण का पता लगाने में जुटी हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दमकल विभाग के सूत्रों ने बताया है कि फैक्ट्री बिना आवश्यक एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के चल रही थी. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और प्रशासन ने जांच के बाद सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। दिल्ली में बढ़ती गर्मी और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के बीच ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं, जो फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करते हैं।

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