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रूह कंपाने वाली बर्बरता: स्वास्थ्य केंद्र में दलित युवक को पहले बुरी तरह पीटा, फिर बाल-आइब्रो काटे, जबरन मूत्र पिलाया; 3 गिरफ्तार giraftar Aajtak24 News |
फरीदाबाद/हरियाणा - फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित सुभाष कॉलोनी के एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक अमानवीय घटना सामने आई है. यहाँ जातिगत रंजिश के चलते चार युवकों ने एक 18 वर्षीय दलित युवक को पहले बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा, फिर उसके बाल, मूंछ और आइब्रो काट दिए, और हद तो तब हो गई जब उसे जबरन मूत्र पिलाया गया. इतना ही नहीं, पीड़ित की जेब से तीन हजार रुपये भी लूट लिए गए. इस बर्बरतापूर्ण कृत्य के बाद पीड़ित युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अभी फरार है।
दोस्ती के बहाने बुलाया और बनाया बंधक
पीड़ित युवक, साहिल (18), जो एक कंपनी में नौकरी करता है, ने अपने चचेरे भाई सूरज को आपबीती बताई. साहिल के अनुसार, 16 जून की शाम को पीयूष नाम का एक लड़का उसे घर से बुलाकर ले गया था. पीयूष ने कहा था कि उसे 'ठाकुर पंकज' बुला रहा है. जैसे ही साहिल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में बने एक कमरे में पहुंचा, वहाँ तीन नाबालिग, जिनमें ठाकुर पंकज, दीपांशु और तौफीक पहले से मौजूद थे।
साहिल ने बताया कि कमरे में घुसते ही उन चारों ने उसे सबसे पहले जातिसूचक शब्द कहे और उसके बाद उसे कमरे में बंधक बनाकर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
अमानवीय यातना और लूटपाट
मारपीट के दौरान आरोपियों ने सारी हदें पार कर दीं. साहिल ने बताया कि उन्हें जबरदस्ती मूत्र पिलाया गया. साथ ही, पानी में कुछ नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया, जिससे वह बेहोशी की हालत में चला गया. इसी दौरान, आरोपियों ने उसके सिर के बाल, मूंछ और आइब्रो काट दिए. उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसकी कल्पना भी रोंगटे खड़े कर देती है. मारपीट और यातना के बाद, आरोपियों ने साहिल की जेब में रखे तीन हजार रुपये भी लूट लिए।
साहिल ने बताया कि आरोपियों ने उसे जातिसूचक शब्द कहते हुए यह भी धमकी दी कि अगर उसने पुलिस में शिकायत की, तो वे उसके पूरे परिवार को खत्म कर देंगे. इस अमानवीय घटना के बाद साहिल जैसे-तैसे अपने घर पहुंचा. उसकी गंभीर हालत देखकर उसके चचेरे भाई सूरज ने उसे तुरंत बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ से उसे बेहतर उपचार के लिए बीके अस्पताल रेफर कर दिया गया. साहिल का इलाज अभी भी चल रहा है।
पुलिस कार्रवाई: एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
घटना की सूचना मिलने पर थाना आदर्श नगर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एसीपी महेश श्योराण ने जानकारी दी कि पुलिस ने पीयूष, दीपांशु और तौफीक को गिरफ्तार कर लिया है. ठाकुर पंकज नामक एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है, जो इस घटना के पीछे के जातिगत रंजिश के पहलू को दर्शाता है।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और हिंसा की बर्बरता को उजागर किया है. प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए यह एक गंभीर चुनौती है कि वे ऐसे जघन्य अपराधों के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर समाज में एक मजबूत संदेश दें।