जयस के खिलाफ टिप्पणी से आक्रोश मुख्यमंत्री मागे माफी 38 जिलो मे सौंपा ज्ञापन | Jays ke khilaf tippani se akrosh mukhyamantri mange maafi 38 jilo main sopa gyapan

जयस के खिलाफ टिप्पणी से आक्रोश मुख्यमंत्री मागे माफी 38 जिलो मे सौंपा ज्ञापन

विदेशी फंडिंग के बयान पर जयस की चुनौती मुख्यमंत्री सबूत पेश करें अन्यथा माफी मांगे नही तो इस्तीफे के मांग को लेकर करेगें प्रदेश स्तरीय आंदोलन।भीम आर्मी गोंडवाना का मिला साथ

जयस के खिलाफ टिप्पणी से आक्रोश मुख्यमंत्री मागे माफी 38 जिलो मे सौंपा ज्ञापन

धार - जय आदिवासी युवा शक्ति मध्यप्रदेश ने 28 सितंबर को प्रदेश के जनजातीय मोर्चा के मीटीग मे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के द्वारा जयस, भीम आर्मी और गोंडवाना को षड़यंत्रकारी, विघटनकारी और विदेशी फंडिंग मिलता है बताया था।इस बयान के खिलाफ जयस प्रदेश कार्यकारिणी के निर्णय पर प्रदेश अध्यक्ष अंतिम मुजाल्दा के आव्हान पर प्रदेश के लगभग 38 से अधिक जिलो मे राज्यपाल के नाम ज्ञापन एवं मुख्यमंत्री को प्रतिलिपि दिया गया । ज्ञापन मे मांग किया गया कि बयान पूर्णतः गलत और राजनीति से प्रेरित है,साथ ही आदिवासियों का अपमान और जयस सहित भीम आर्मी और गोंडवाना छवि धूमिल हुई है। जयस एक वैचारिक क्रांति का वाहक है जिसके माध्यम से युवा अपने हक और संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज बुलंद कर रहे है। विदेशी फंडिग के प्रमाणित साक्ष्य मुख्यमंत्री जी सार्वजनिक करें अन्यथा जयस, भीम आर्मी और गोंडवाना से माफी मांगें । जयस को अपमानित करने वाले बयान से आदिवासी समाज में रोष और गुस्सा का माहौल है। हमारी मांग है कि माननीय मुख्यमंत्री जो जिम्मेदार संवैधानिक पद पर आसीन है इस प्रकार की बयान को लेकर सार्वजनिक तौर पर जयस, भीम आर्मी, गोंडवाना से मुख्यमंत्री जी माफी मांगें अन्यथा इस्तीफे की मांग को लेकर हम प्रदेश भर में आंदोलन करेंगे ।

जयस पूर्णतः लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक व्यवस्था मे विश्वास करती है हमेशा आदिवासी, बेरोजगार, युवा और पंक्ति के आखिर मे खडे व्यक्ति की आवाज संवैधानिक तरीके से लडती है।आज सरकार से हर उन मुद्दों पर सवाल करती है जिन मुद्दों पर सरकार निष्क्रिय रहती है, जयस एक विचारधारा है जिसके माध्यम से आज हासिये मे खडे आदिवासी और अन्य लोग जो मुख्यधारा से दूर थे अपनी हक की आवाज बुलंद कर रहे है तो मुख्यमंत्री विघटनकारी, षड्यंत्रकारी और विदेशी फंडिंग मिलता कहने लगे हैं।जो पूर्णतः गलत और मुख्यमंत्री जैसे पद मे रहकर गैरजिम्मेदाराना बयान है।हम मुख्यमंत्री से कह देना चाहते है आपने जो आरोप लगाया है उसकी प्रमाणित दश्तावेज सार्वजनिक करें नही तो मांफी मांगें अन्यथा हम आपकी इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदेश स्तरीय आंदोलन करेंगे।जयस तो वो वैचारिक क्रांति है मुख्यमंत्री महोदय जिसकी जागरूकता ने आपको पेसा एक्ट को जमीन पर लाने को मजबूर किया है।

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