जावरा में एग्रो बेस्ड ओद्योगिक हब बनाया जाए | Javra main agro best audhyogik hub banaya jaye

जावरा में एग्रो बेस्ड ओद्योगिक हब बनाया जाए

केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी को विधायक डॉ. पाण्डेय ने विभिन्न सुझाव पत्र दिए

जावरा में एग्रो बेस्ड ओद्योगिक हब बनाया जाए

रतलाम (यूसुफ अली बोहरा) - भारतमाला योजना के तहत नई दिल्ली-मुम्बई 8 लेन हाईवे के समीप जावरा व आसपास क्षेत्र में एग्रो बेस्ड ओद्योगिक हब बनाया जाए। भू-उत्पाद ओद्योगिक क्षेत्र जावरा को इस हाईवे से कनेक्टिविटी दी जाए। जावरा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न सडक मार्गो की स्वीकृति पदान की जाए। उक्त आश्य के विभिन्न मांग पत्र जावरा विधायक डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय ने केन्द्रीय सडक,परिवहन व राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी को जावरा आगमन पर देते हुए विभिन्न विषयों पर चर्चा की। 8 लेन सडक मार्ग निर्माण कार्य का अवलोकन करने जावरा पहुंचे श्री गडकरी का शाल, श्रीफल व पगड़ी पहनाकर स्वागत विधायक डॉ. पाण्डेय ने किया। साथ ही स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

इस अवसर पर डॉ. पाण्डेय ने श्री गडकरी को क्षेत्र के विकास को लेकर दिए सुझाव पत्रों में उल्लेख किया कि जावरा विधानसभा क्षेत्र में उच्चतम स्तर की लहसुन, श्रेष्ठ खसखस (पोस्ता दाना), बेहतर क्वालिटी की सोयाबीन, गेंहू, उद्यानिकी फसलो में संतरा, अमरुद, एपल बेर, अंगूर, मटर, टमाटर, प्याज आलू इत्यादि फसलो का उत्पादन बड़ी संख्या में होता है। इसके साथ ही झाड़ू, चटाई, दरी निर्माण जैसे विभिन्न कुटीर, लघु व सूक्ष्म उद्योग भी संचालित होते है जो रतलाम जिले के अलावा मंदसौर, नीमच व उज्जैन ग्रामीण क्षेत्र में क्रियाशील है। इन उद्योगों को प्रोत्साहित करने हेतु एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाकर एग्रो बेस्ड ओद्योगिक हब बनाये जाने की स्वीकृस्वीकृति प्रदान करे। मुम्बई-दिल्ली ओद्योगिक कारीडोर में सम्मिलित जावरा निवेश क्षेत्र के विकास हेतु म.प्र.शासन ने बहु-उत्पाद ओद्योगिक क्षेत्र कार्ययोजना स्वीकृत की है। ओद्योगिक क्षेत्र के आधारभूत विकास हेतु कार्य किये जा रहे है। रेलवे स्टेशन जावरा के समीप स्थित इस ओद्योगिक क्षेत्र को एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी प्रदान की जाए।

विधायक डॉ. पाण्डेय ने जावरा विधानसभा क्षेत्र के राकोदा-माऊखेडी, रियावन-मावता मार्ग, जावरा-कालूखेडा-ढोढर मार्ग, जावरा व्हाया मामटखेडा-कालूखेडा-कंसेर-रियावन मार्ग निर्माण एवं जावरा- दृउज्जैन फोरलेन सडक मार्ग की स्वीकृति का आग्रह किया। इसके अलावा एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान विभिन्न मार्गो के क्षतिग्रस्त होने पर उनका निर्माण/मरम्मत कार्य कराने, ग्रामीण व कृषि क्षेत्रों में पानी निकासी की व्यवस्था, परियोजना के मार्ग निर्माण में ग्राम लालाखेडा, भूतेडा, चौरासी बडायला, सादाखेडी, मिंडाजी, गोठडा-मान्याखेडी आदि स्थानों में निर्मित हो रहे अंडर ब्रिज/अंडर पास में चौडाई व ऊँचाई की विभिन्न कठिनाईयों का निराकरण करने, मार्ग निर्माण के समीप किसानो को खेतो में जाने के लिए सर्विस लेन मार्ग निर्माण करने एवं अधिग्रहित की गई भूमि के स्वामियों को पूर्व निर्धारित गाईड लाईन के अनुसार मुआवजा या अंतर राशि का भुगतान करने का आग्रह किया।

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