हर उम्र, हर तबके के लोगों में टीका लगवाने के प्रति दिखा अच्छा खासा उत्साह | Har umr har tabke ke logo main tika lagwane ke prati dikha achcha khasa utsah

हर उम्र, हर तबके के लोगों में टीका लगवाने के प्रति दिखा अच्छा खासा उत्साह

टीकाकरण महा अभियान में युवाओं से लेकर वृद्धजनों में किसी ने लगवाया पहला तो किसी ने दूसरा डोज

हर उम्र, हर तबके के लोगों में टीका लगवाने के प्रति दिखा अच्छा खासा उत्साह

उज्जैन (रोशन पंकज) - बुधवार को टीकाकरण महा अभियान के दूसरे चरण के अन्तर्गत शहर में हर उम्र, हर तबके के लोगों में टीका लगवाने के लिये अच्छा खासा उत्साह दिखाई दिया। युवाओं से लेकर वृद्धजनों ने टीकाकरण केन्द्र पर जाकर पहला तो किसी ने दूसरा डोज लगवाया।

शहर के वेद नगर स्थित आनन्द भवन में आदर्श टीकाकरण केन्द्र बनवाया गया था। यहां कोविशिल्ड का दूसरा डोज लगवाने आये 75 वर्षीय शिवकुमार भावसार ने बताया कि वे पैरों से दिव्यांग हैं। उन्होंने निर्धारित समयावधि में कोविशिल्ड के दोनों डोज आज लगवा लिये हैं। जब उन्होंने पहला डोज लगवाया था, तब उन्हें थोड़ा-सा डर लगा था, लेकिन आज उन्हें दूसरा डोज लगवाने पर किसी प्रकार का भय और भ्रान्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण हम सभी के लिये बेहद आवश्यक है। अत: किसी भी प्रकार की भ्रान्ति को मन से निकालकर टीकाकरण केन्द्र पर जायें और टीका लगवायें। उन्होंने बताया कि आनन्द भवन स्थित आदर्श टीकाकरण केन्द्र में काफी अच्छी सुविधाएं हैं। उन्हें दूसरा डोज लगवाने में मात्र 10 मिनिट का समय लगा।

यहां टीका लगवाने आई 28 वर्षीय पूजा मजदूरी करती हैं तथा उनका 13 माह का बालक है। उनके पति भी मजदूरी करते हैं। टीकाकरण केन्द्र के पास निर्माणाधीन भवन में पूजा और उनके पति मजदूरी कर रहे थे। पूजा को पता चला कि यहां पर आज टीके लग रहे हैं तो वह बिना देर किये अपने बालक को गोद में लेकर यहां टीका लगवाने के लिये आ गई। काफी कम समय में पूजा को कोविशिल्ड का पहला डोज लग गया। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिये टीकाकरण बेहद जरूरी है। सभी को टीका लगवाना चाहिये। टीकाकरण की व्यवस्थाओं की पूजा ने प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वे बीच में ही अपना कार्य छोड़कर यहां टीका लगवाने के लिये आई हैं। हम स्वस्थ रहेंगे तभी तो अपना कामकाज कर सकेंगे, इसीलिये सबसे पहले टीका लगवायें।

मुनि नगर के सांस्कृतिक भवन में बनाये गये आदर्श टीकाकरण केन्द्र में 45 वर्षीय सीताबाई टीका लगवाने के लिये आई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें कोविशिल्ड का दूसरा डोज लगवाना था। परिवार में सभी सदस्यों को दोनों डोज लग चुके थे। बस वे ही बची हुई थी। उन्हें भी आज दूसरा डोज लगवाने के बाद काफी अच्छा लग रहा है।

क्षीर सागर स्थित तिलक स्मृति भवन में बनाये गये केन्द्र में ड्यूटीरत आब्जर्वर्स और वेक्सीनेटर्स ने बताया कि शहर के बीचों-बीच होने के कारण सुबह से ही केन्द्र में काफी संख्या में लोग टीके के पहले और दूसरे डोज लगवाने के लिये आ रहे थे। दोपहर 12 बजे तक 260 लोगों ने यहां कोरोना का टीका लगवा लिया था। यहां टीका लगवाने के लिये आई रूपाली कुशवाह और उनकी बहन नन्दनी कुशवाह ने बताया कि पहला डोज लगवाने पर उन्हें मामूली-सा बुखार आया था। उन्होंने डॉक्टर द्वारा बताई गई पैरासिटामोल की टेबलेट ली और उसके बाद उनका बुखार उतर गया था। उन्होंने कहा कि टीका लगवाने के बाद आने वाले मामूली बुखार और हाथ-पैर दर्द से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सभी को टीका लगवाना चाहिये। उनके परिवार में तीज के दिन राखी बांधी जाती है। नन्दनी कुशवाह की शादी हो चुकी है तथा वे इन्दौर से अपने माता-पिता के यहां रक्षा बन्धन का त्यौहार मनाने के लिये सुबह ही आई थी।

जब नन्दनी को पता चला कि टीकाकरण महा अभियान का दूसरा चरण आज प्रारम्भ हो रहा है तो उन्होंने बिना देर किये अपने भाई को राखी बांधने से पहले आधार कार्ड लिया और टीका लगवाने के लिये केन्द्र पर आई।

कानीपुरा में शासकीय माध्यमिक विद्यालय में बनाये गये आदर्श टीकाकरण केन्द्र में टीका लगवाने आये 20 वर्षीय युवा शिवम माननानी टीका लगवाने को लेकर काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बहन ने टीके का पहला डोज कुछ दिन पहले लिया था। तब उन्हें मामूली-सा बुखार आया था, लेकिन पैरासिटामोल लेने के बाद वे ठीक हो गई थी। शिवम को केन्द्र पर आने के पहले थोड़ी झिझक महसूस हो रही थी, लेकिन टीका लगवाने के बाद अब उन्हें काफी अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार हमारी सुरक्षा के लिये बहुत अच्छा कार्य कर रही है। जनता और युवाओं को भी इसमें सहयोग करना चाहिये। शिवम ने कहा कि अपने मोहल्ले में जिन युवाओं ने टीका नहीं लगवाया है, उन्हें टीका लगवाने के लिये प्रेरित अवश्य करेंगे।

कानीपुरा केन्द्र में ही टीका लगवाने आये 65 वर्षीय एजाज हुसैन मकान बनाने का कार्य करते थे। एक्सीडेंट में पैर फ्रेक्चर होने के कारण उन्हें अब चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है। वे अपनी पत्नी रईसा बेगम के साथ यहां कोविशिल्ड का पहला डोज लगवाने के लिये आये। उन्होंने कहा कि हम सबकी जिन्दगी की सुरक्षा के लिये टीका बहुत जरूरी है। जब वे पैरों में तकलीफ होने के बावजूद टीका लगवाने के लिये केन्द्र तक आ सकते हैं तो बाकी लोगों को भी टीका जरूर लगवाना चाहिये। यह उन्हीं की सुरक्षा के लिये है।

शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में बनाये गये टीकाकरण केन्द्र में टीका लगवाने आई 36 वर्षीय सुगंधा फरीदाबाद की रहने वाली हैं। वे उज्जैन में अपने रिश्तेदारों के यहां रक्षा बन्धन पर आई हुई हैं। उन्हें कोविशिल्ड का दूसरा डोज लगवाना था। सुगंधा ने बताया कि फरीदाबाद में जब उन्होंने कुछ माह पहले पहला डोज लगवाया था, तब उन्हें काफी समस्या हुई थी। काफी समय तक लाइन में लगकर इंतजार करने के बाद उनका नम्बर आया था। उज्जैन में काफी अच्छी सुविधाएं हैं। यहां टीकाकरण महा अभियान के दूसरे चरण के बारे में उन्होंने आज अखबार में पढ़ा और तुरन्त अपना आईडी कार्ड लेकर टीका लगवाने के लिये आई। मात्र 10 मिनिट में उन्हें कोविशिल्ड का दूसरा डोज लग गया। सुगंधा ने बताया कि कोरोना जैसी भयंकर महामारी से बचने के लिये टीका लगवाना बेहद जरूरी है। इसमें किसी भी प्रकार के भय और आशंका को लोगों को अपने दिलों से निकाल देना चाहिये। टीका लगवाने पर ही हम इस बीमारी से काफी हद तक बच सकते हैं।

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