जिले में कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है, व्यापारियों की मुनाफाखोरी के चक्कर में आम जनता महंगाई से परेशान | Jile main corona curfew laga hua hai vyapariyo ki munafakhori ke chakkar main aam janta mahangai se pareshan

जिले में कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है, व्यापारियों की मुनाफाखोरी के चक्कर में आम जनता महंगाई से परेशान

जिले में कोरोना कर्फ्यू लगा हुआ है, व्यापारियों की मुनाफाखोरी के चक्कर में आम जनता महंगाई से परेशान

बुरहानपुर (अमर दिवाने) - जिले में आठ दिवसीय कोराना कर्फ्यू के चलते आए दिन महंगाई बढ़ रही है, दैनिक जीवन उपयोगी वस्तुओं के दाम हर दिन बढ़ रहे हैं, जैसे कि खाने का तेल कोरोना कर्फ्यू के पहले 140 रुपये और अभी 160 रुपये बिक रहा है। 1 किलो के पीछे 20 रुपये की मुनाफाखोरी बड़े व्यापारी कर रहे हैं, ऐसे ही मूंग दाल का 1 किलो का भाव 95 रुपये है लेकिन 110 रुपये बेच रहे हैं, शक्कर 34 से बढ़कर 36 का भाव है। तो ग्रामीण क्षेत्रों में 40 रुपये तक बिक रही है, ऐसे में नही काम धंधा मिल रहा है, ना ही कोई रोजगार का अवसर ऐसे में बड़े व्यापारियों द्वारा इन मूलभूत चीजों का स्टॉक लगाकर आए दिन इन चीजों में भाव पर एक किलो पर बढ़ोतरी की जा रही है। जिसकी आम जनता को इस कोरोना कर्फ्यू में भरपाई करना महंगा पड़ रहा है, एक घर में लगभग 5 सदस्य होकर कमाई का स्त्रोत लगभग शून्य हो चुका है ऐसे में आम नागरिक कहा जाए वही सब्जियों के भाव भी 15 से 20 रुपये पाव हो गए हैं, महंगाई आए दिन अपने पांव पसार रही है। किंतु शासन प्रशासन इस मुनाफाखोरी की ओर ध्यान नहीं दे रहा है, ग्रामीण छोटे किराना दुकान व्यवसाई ने जानकारी देते हुए बताया कि हमें अपना सामान किराना माल बड़े व्यापारियों से खरीदना पड़ता है, जोकि अभी कोरोना कर्फ्यू के कारण हमे भी ज्यादा भाव में मिल रहा है। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है यदि हमें किराना माल सस्ता मिले तो हम भी सस्ता बेचेंगे किंतु बड़े व्यवसाई स्टॉक जमा कर इसे महंगे भाव में बेच रहे हैं, तो हमें भी मजबूरन अपने किराना माल के भाव बढ़ाना पढ़ रहे हैं। वही आम जनता ने शासन प्रशासन से निवेदन किया है कि इस महंगाई और मुनाफाखोरी पर ध्यान देकर आम जनता को राहत दी जाए। इस कोरोना काल की आपदा में भी लोंग पैसा कमाने में लगे हैं, जो कि यह समय लोंगो की मदद कर सहयोग करने का है। इंसानियत का ऐसे व्यापारी मख़ौल बना रहे हैं। जिले के अधिकारियों को वास्तु स्थिति पूछी गई तो वह कहते है रेट तय करना हमारे हाथ में नही है।

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