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| नईगढ़ी पुलिस का बड़ा एक्शन: राहगीरों को आतंकित करने वाले बोलेरो गैंग का इनामी बदमाश गिरफ्तार, नशे के लिए की थी लूट Aajtak24 News |
मऊगंज/नईगढ़ी - मऊगंज जिले की नईगढ़ी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सड़क पर राहगीरों को रोककर मारपीट और लूट करने वाले गिरोह के अंतिम फरार सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी आलोक पाण्डेय उर्फ बेटू पर पुलिस ने 5,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। यह कार्रवाई मऊगंज पुलिस अधीक्षक श्री दिलीप कुमार सोनी के कड़े निर्देशों और थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर के कुशल नेतृत्व में अंजाम दी गई है।
वारदात की पृष्ठभूमि: रिमारी तालाब के पास मची थी दहशत
घटना की शुरुआत 12 अक्टूबर 2025 की रात को हुई थी। फरियादी विक्रमादित्य भारती, जो ग्राम रिमारी का निवासी है, अपने भाई जयविन्द भारती के साथ मोटरसाइकिल से अपनी रिश्तेदारी (सोनौरी) से घर लौट रहा था। रात के करीब 10 बज रहे थे, तभी रिमारी तालाब के पास अचानक एक काले रंग की बोलेरो (क्रमांक MP17ZC0194) तेजी से आई और उनकी मोटरसाइकिल के सामने अड़ गई। मोटरसाइकिल के रुकते ही बोलेरो से चार युवक बाहर निकले, जिनकी उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच थी। इन युवकों ने बिना किसी बात के दोनों भाइयों के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट शुरू कर दी। डरे-सहमे भाइयों से आरोपियों ने 9,000 रुपये नकद और उनका मोबाइल फोन छीन लिया और अंधेरे का फायदा उठाकर अपनी बोलेरो के साथ फरार हो गए।
पुलिस की सक्रियता और पूर्व की गिरफ्तारियां
पीड़ित की शिकायत पर थाना नईगढ़ी में लूट और मारपीट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों के जरिए पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और वारदात में इस्तेमाल की गई काले रंग की बोलेरो को भी जब्त कर लिया था। हालांकि, गिरोह का चौथा सदस्य आलोक पाण्डेय उर्फ बेटू घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
5000 का इनामी ऐसे चढ़ा हत्थे
लंबे समय से फरार रहने के कारण पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपी आलोक पाण्डेय पर 5,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था। नईगढ़ी पुलिस की टीम लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। 7 जनवरी 2026 को पुलिस को सटीक मुखबिर सूचना मिली कि आरोपी ग्राम भलुहा के पास देखा गया है। बिना समय गंवाए थाना प्रभारी ने टीम के साथ घेराबंदी की और आरोपी को धर दबोचा। पुलिस हिरासत में जब कड़ी पूछताछ की गई, तो आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि वह और उसके साथी नशे के आदी थे। नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसे खत्म हो गए थे, जिसके कारण उन्होंने योजना बनाकर सड़क पर आने-जाने वाले लोगों को लूटने का रास्ता चुना।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटा गया एक मोबाइल फोन और लूट की राशि में से 3,000 रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही क्षेत्र में सक्रिय इस 'बोलेरो लुटेरा गैंग' का पूरी तरह से सफाया हो गया है।
टीम का विशेष योगदान
इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर, सउनि नारायण प्रसाद पाण्डेय, आरक्षक अविनाश सिंह, चंदन यादव, दिवाकर सिंह, सुरेन्द्र यादव और सैनिक पवन मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिले के आला अधिकारियों ने पुलिस टीम की इस सफलता पर खुशी जाहिर की है और क्षेत्र की जनता ने भी राहत की सांस ली है।
