जिला अस्पताल परिसर में गंदगी देख कलेक्टर भी रह गए दंग | Jila aspatal parisar main gandagi dekh collector bhi rh gaye dang

जिला अस्पताल परिसर में गंदगी देख कलेक्टर भी रह गए दंग

जिला अस्पताल परिसर में गंदगी देख कलेक्टर भी रह गए दंग

डिंडौरी (पप्पू पड़वार) - कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिला अस्पताल परिसर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर भी परिसर में जगह-जगह गंदगी देख दंग रह गए। उन्होंने सीएमएचओ से नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए। किचन शेड में गंदगी जगह-जगह नजर आई। कलेक्टर ने यहां चूल्हों का निर्माण व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए कहा, जिससे मरीजों के परिजनों को भोजन बनाने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल परिसर के चारों ओर रोजाना साफ-सफाई कराई जाए, जिससे परिसर साफ-सुथरा रहे। आईसीयू कक्ष के निर्माण को लेकर भी कलेक्टर ने सवाल उठाते हुए नाराजगी व्यक्त की। गौरतलब है कि निर्माण कुछ दिनों पहले हुआ है, इसमें काफी खराबी आ गई है। इस पर कलेक्टर ने इंजीनियर के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की। बताया गया कि यहां दो दर्जन से अधिक सफाईकर्मी पदस्थ हैं। इस पर भी कई सवाल उठाए गए।

जिला अस्पताल परिसर में गंदगी देख कलेक्टर भी रह गए दंग

पुराने भवनों को डिस्मेंटल करने के निर्देश

कलेक्टर ने जिला अस्पताल में पार्किंग व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि परिसर में वाहन यहां वहां खड़े न रखे जाएं। जिला अस्पताल परिसर में पुराने भवनों को डिस्मेंटल कर नवीन भवन का निर्माण किया जाए। इसके लिए विधिवत रूप से स्वीकृति प्रदान कर ली जाए। इस अवसर पर जिला अस्पताल में स्थित हर्बल गार्डन में गंदगी देख उन्होंने साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए। जिला अस्पताल परिसर की पुताई करने को कहा गया। जिला अस्पताल में स्थित सुलभ शौचालय का संचालन बेहतर ढंग से करने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए।

गार्डन विकसित करने के साथ बेंच लगाने के निर्देश

कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में बदहाल गार्डन को विकसित करने के साथ परिजन और मरीजों को बैठने के लिए बेंच लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल परिसर से निकले नाले की साफ सफाई कराने के भी निर्देश सीएमओ को दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक संजय सिंह, सीएमएचओ डॉ. आरके मेहरा, सिविल सर्जन डॉ. रमेश मरावी, डीपीएम विक्रम सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। पूर्व विधायक दुलीचंद उरैती ने आरोप लगाया कि वे सुबह लगभग 11 बजे इलाज कराने जिला अस्पताल गए थे, लेकिन ओपीडी में केवल एक महिला डॉक्टर थी, अन्य डॉक्टर नहीं थे। श्री उरैती ने बताया कि मजबूरन उन्हें निजी क्लीनिक जाकर अपना इलाज कराना पड़ा।

जिला अस्पताल सहित सामुदायिक केंद्रों में लगेंगे टीके

आज बुधवार को जिला अस्पताल सहित जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमपुर, शहपुरा, मेहंदवानी, बजाग, करंजिया, अमरपुर, समनापुर में वैक्सीनेशन किया जाएगा। डीपीएम विक्रम सिंह ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्धजनों को कोरोना का वैक्सीन लगाने के साथ 45 से 59 वर्ष के उन लोगों को भी वैक्सीन लगाया जाएगा जो रजिस्टर्ड डॉक्टर से गंभीर बीमारी का प्रमाण पत्र देंगे। सभी केंद्रों में जिन लोगों को कोरोना का टीका 28 दिन पहले लग चुका है उन्हंें दूसरा डोज भी लगाया जाएगा। मंगलवार को जिले भर में कहीं भी कोरोना मरीज नहीं मिले हैं, जबकि दो और मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हुए हैं। एक्टिव मरीजों की संख्या घटकर 21 शेष रह गई है। गौरतलब है कि जिले में तीन दिनों से कोरोना संक्रमण के मामले में राहत है। कुल मरीजों की संख्या अब भी 1059 ही है।

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