संत सिंगाजी पावर परियोजना का मंगलवार को एमडी मंजीत सिंह ने किया निरीक्षण | Sant singaji power pariyojna ka mangalwar ko md manjit singh ne kiya nirikshan

संत सिंगाजी पावर परियोजना का मंगलवार को एमडी मंजीत सिंह ने किया निरीक्षण

दूसरे दिन हजीरा गुजरात मै दुरुस्त की जा रही टरबाइन की स्थिति का जायजा लेने रवाना हुए

नव निर्मित इकाईयों के टरबाइन मै  आई खराबी के बाद  कई माह से बंद पड़ी है 1320 मेगावाट क्षमता की दोनो  इकाइयां करोडो रुपये रोजाना हो रही है उत्पादन हानि ॥

कंपनी घाटे मै नही है कंपनी ने  इस वर्ष का प्राफिट 635 करोड़ डिस्ट्रिब्यूशन को दे दिया

कार्बन उत्सर्जन को रोकने के लिए सोलर पावर पर भी कर रहे काम 94 मेगावाट का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है खण्डवा .बीरसींगपूर् सारणी मै लगेगा प्लांट

तीसरे चरण मै नही लगेगी अब कोई थर्मल इकाई कोयला ट्रांसपोर्टसन पड़ रहा है महंगा ॥ ॥ 

थर्मेक्ट पावडर जरूरी बताया कहा एन टी पी सी भी करती है उपयोग

महीनो से खाली पड़े डी टी एवं डी सी के पदो के बारे मै कहा जब  तक इन पदो के बगेर कंपनी चलेगी तब तक चलाएंगे

पी जी टेस्ट जरूरी नही है कई प्लांटों मै आज तक नही हुए

संत सिंगाजी पावर परियोजना का मंगलवार को एमडी मंजीत सिंह ने किया निरीक्षण

खण्डवा/बीड (सतीश गम्बरे) - संत सिंगाजी पावर परियोजना में सोमवार देर शाम मध्य प्रदेश शासन की कंपनी एम पी पी जी सी एल के  एमडी मनजीत सिंह ने मंगलवार सुबह से संत सिंगाजी पावर परियोजना  का निरीक्षण किया इस दौरान  एम डी  मनजीत सिंह ने अधिकारियों से परियोजना को लेकर  सवाल जवाब कीये वही जवाब से संतुष्ट नही होने पर अधिकारियो पर भड़क गए  विदित हो  कि  अभी हाल ही में निर्माण की गई  की दोनों  सुपर क्रिटिकल इकाइयां   कई महीनों से बंद है जिस कारण कंपनी को करोडो रुपये रोज की उत्पादन हानि भी सहनी पड़ रही है   जिसकी उच्चस्तरीय  जांच भी  चल रही है  पत्रकारो से चर्चा के दौरान एम डी मंजीत सिंह ने बताया की कंपनी किसी भी प्रकार से घाटे मै नही चल रही है हमने हमारे शुध्द लाभ का 625 करोड़ रुपये हाल ही मै डिस्ट्रिब्यूशन को दिया है और आने वाले समय मै 94 मेगावाट के सोलर प्लांट खण्डवा .सारणी .बीरसींगपूर् मै  लगाने का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है  जिससे हम कार्बन उत्सर्जन को कुछ हद तह रोक सकेंगे साथ ही बताया की सिंगाजी परियोजना मै अब कभी भी  तीसरे चरण मै कोई थर्मल इकाई नही लगाई जाएगी क्योकि यहा कोयले का ट्रांसपोर्टसन महंगा पड़ता है वही थर्मेक्ट पावडर खरीदी के संबंध मै बताया की यह बहुत जरूरी है एन टी पी सी भी इसे उपयोग करती है यह मटेरियल सेंट्रल खरीदी के सूची  मै नही आता है इसलिए प्रत्येक परियोजना अपने अनुसार इसकी खरीदी करेगा वही इकाई नंबर एक एवं दो के पी .जी टेस्ट  के संबंध मै कहा की पी जी टेस्ट कोई जरूरी टेस्ट नही है कई परियोजनाऔ मै आज तक नही किया गया उससे कुछ नही होता वही कंपनी मै करीब छः माह से अधिक समय बीत जाने के बाद  भी डायरेक्टर टेक्निकल एवं डायरेक्टर कमर्शियल के पदो पर अब तक भर्ती नही हुई  पर कहा की जब तक इन पदो के बगेर भी कंपनी चलेगी हम चलाएंगे इनकी भर्ती की प्रक्रिया चल रही है इस दौरान परियोजना के मुख्य अभियंता  वी के कैलासिया अतिरिक्त मुख्य अभियंता (सिविल ) संजय पेडोरे, आरके खेमरिया, परियोजना के पी आर ओ आरपी  पांडे,  अधीक्षण यंत्री राम दाहडे, अधीक्षण यंत्री एस के दुबे , मुख्य सुरक्षा अधिकारी  के एस कुशराम,  सुरक्षा अधिकारी आरके मिश्रा सहित अन्य अधिकारीगण  मौजूद रहे ।  

सिंगाजी परियोजना में  कई सालों से जमे  अधिकारियों के स्थानांतरण तो हुए लेकिन नही हो रहे रिलीव 

संत सिंगाजी परियोजना में कई वर्षों से जमे अधिकारियों के उनकी कार्यप्रणाली के कारण सिंगाजी परियोजना से अन्य परियोजना में स्थानांतरण कीये गए है  स्थानांतरण हुए अधिकारी परियोजना   का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं,  व यहां से अभी तक  रिलीव नहीं हुए बताते हैं कि अधिकारी अपनी ऊंची पहुंच के चलते यहीं पर जमे हुए हैं।   एमडी  सिंह  के दौरे के दौरान भी यह बात चर्चा का विषय  रही ॥ ॥ ॥

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