श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में सूरि मंत्र आराधना के बाद महामांगलिक का हुआ भव्य आयोजन | Shri mohankheda mahatirth main suri mantr aradhna ke baad mahamangkik ka hua bhavy ayojan

श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में सूरि मंत्र आराधना के बाद महामांगलिक का हुआ भव्य आयोजन

समाज को अब संगठन की अति आवष्यकता है - मुनि पीयूशचन्द्रविजय

श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में सूरि मंत्र आराधना के बाद महामांगलिक का हुआ भव्य आयोजन

राजगढ़/धार (संतोष जैन) - श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट श्री मोहनखेड़ा तीर्थ के तत्वाधान में व दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की पाट परम्परा के वर्तमान गच्छाधिपति आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में एवं कार्यदक्ष मुनिराज श्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री रजतचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री रुपेन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जिनचन्द्रविजयजी म.सा., मुनिराज श्री जीतचन्द्रविजयजी म.सा. व साध्वी श्री किरणप्रभाश्री जी म.सा., साध्वी श्री सद्गुणाश्रीजी म.सा. के सानिध्य में आचार्यश्री की 25 दिवसीय मौन साधना के समापन पर महामांगलिक का भव्य आयोजन हुआ । जिसमें श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वे. पेढ़ी ट्रस्ट श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के महामंत्री श्री फतेहलाल कोठारी, मेनेजिंग ट्रस्टी सुजानमल सेठ, कोषाध्यक्ष हुक्मीचंद वागरेचा, ट्रस्टी जयंतीलाल बाफना, बाबुलाल खिमेसरा, मेघराज जैन, संजय सराफ, मांगीलाल रामाणी, सांकलचंद तांतेड़ व तीर्थ की मंत्रणासमिति के सदस्य सेवतीलाल मोदी, भेरुलाल गादिया, संतोष चत्तर, प्रकाश सेजलमणी, रिंपल भाई, भरत भाई, सुनिल कोठारी, मनोहर मोदी, संजय कोठारी, राजेन्द्र खजांची एवं पी.सी. जैन, नीरज जैन, संजय कांठी, संतोष नाकोड़ा, सुरेन्द्र कांकरीया, दीपक बाफना, मनोज सुराणा, भंवरलाल जैन, अशोक भटेवरा, माणक नादेचा, तीर्थ सहप्रबंधक प्रीतेश जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन महामांगलिक में उपस्थित रहे ।

श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में सूरि मंत्र आराधना के बाद महामांगलिक का हुआ भव्य आयोजन

कार्यक्रम में कार्यदक्ष मुनिराज श्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा. ने समाजजनों को प्रवचन में कहा कि कोरोना काल में समाजजन पूरी तरह से निष्क्रीय लग रहे है । ऐसी अवस्था में समाजजन को एकत्रित होकर संगठित होने की नितान्त आवश्यकता है । प्रवचन के पश्चात् विशाखापट्टनम् से परम गुरु भक्त रंजीतकुमार घेवरचंदजी संघवी परिवार हीरा-पन्ना ज्वेलर्स की ओर से बहुमूल्य स्फटिक रत्न की परिकर युक्त प्रभु श्री पाश्र्वनाथ भगवान की प्रतिमा आचार्यदेवेश श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. को चतुर्थ एवं पंचम सूरि मंत्र आराधना पीठ की साधना पूर्ण होने के अवसर पर  तीर्थ के कोषाध्यक्ष श्री हुक्मीचंदजी वागरेचा एवं मुनिराज श्री पीयूषचन्द्रविजयजी म.सा. व मुनिराज श्री रजतचन्द्रविजयजी म.सा. द्वारा आचार्यश्री को भेंट की गयी । झाबुआ श्रीसंघ की ओर से पौष दशमी पर अट्ठमतप तेले की आराधना करवाने हेतु आचार्यश्री से श्री संजय कांठी एवं समाजजनों ने विनती की ।

श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ में सूरि मंत्र आराधना के बाद महामांगलिक का हुआ भव्य आयोजन

कार्यक्रम में मुम्बई, बैंगलोर, बांसवाड़ा, इन्दौर, खाचरोद, नागदा, सूरत, अहमदाबाद, शिमोगा, रानीबैन्नूर, झाबुआ, ठाणे, भाटपचलाना, उज्जैन, पूना, रतलाम, जावरा, भीवण्डी, कल्याण, भायन्दर, आहोर, सुमेरपूर, राजगढ़ श्रीसंघ सहित कही शहरों के श्रावक-श्राविकाओं ने बड़ी संख्या में महामांगलिक का श्रवण किया ।


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