खुली आँखों से देखा सीए बनने का सपना, अब खुद के साथ दुसरो को दिखा रहे राह | Khuli ankho se dekha CA banne ka sapna

खुली आँखों से देखा सीए बनने का सपना, अब खुद के साथ दुसरो को दिखा रहे राह

खुली आँखों से देखा सीए बनने का सपना, अब खुद के साथ दुसरो को दिखा रहे राह

पीथमपुर (प्रदीप द्विवेदी) - इंसान यदि कुछ करने की ठान ले, तो परेशानियां भी उसके सामने बौनी साबित होती हैं। खुली आंखों से सपने देखने वाले जरूर सफल होते हैं। ऐसे ही सपने देखे पीथमपुर के अंकुश खंडेलवाल ने, जिनके सीए बनने के दौरान ढेरों परेशानियां आईं, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ा। हर चीज को अवसर मे बदला चाहे वो कोरोना हो या कोई अन्य मुश्किल। इसी जुनून के कारण खुद एक सफल सीए बनने की और अग्रसर है और दूसरों को भी सीए बनने की राह दिखा रहे है। इस समय वह शहर के चार्टर एकाउंटेंट की ट्रेनिंग कर रहे है। 

बीएससी की जगह बीकॉम करना रहा टर्निंग पॉइंट

सीए छात्र अंकुश खंडेलवाल ने बताया कि एक डिसीजन आपकी लाइफ बदल सकता है। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। मैं मैथमैटिक्स का स्टूडेंट रहा। बीएससी का फॉर्म डालने जा रहा था। मेरे भाई ने बीकॉम में स्कोप बताया। मैंने बीकॉम के लिए अप्लाई कर दिया। वही समय मेरी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट रहा।

मैंने चैलेंज स्वीकार किए

अंकुश ने बताया कि महू से बीकॉम करने के बाद भाई ने सीए कोर्स करने के लिए कहा। हालांकि मेरे दोस्तों ने सीए की किताब देख कर ही सीए करने से मना कर दिया, लेकिन मैं सीए बनने के सपने देख चुका था। मैंने इस चैलेंज को एक्सेप्ट किया और रजिस्ट्रेशन करा लिया।

कोरोना मे बच्चों को दिए टिप्स

अंकुश ने बताया कि कोरोना ने बच्चों पर मानसिक रूप से कॉफी प्रभाव डाला। दूसरे स्टूडेंट जो अभी तैयारी कर रहे है, उनको मेने निःशुल्क टिप्स दिए। 

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