जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किये जाने पर निर्यातकों को लाभ मिलेगा- कलेक्टर श्री सुमन | Jile ko expert hub ke roop main viksit kiye jane pr

जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किये जाने पर निर्यातकों को लाभ मिलेगा- कलेक्टर श्री सुमन

जिला निर्यात संवर्धन समिति की वर्चुअल बैठक संपन्न

जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किये जाने पर निर्यातकों को लाभ मिलेगा- कलेक्टर श्री सुमन

छिंदवाड़ा (गयाप्रसाद सोनी) - कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन ने कहा कि छिन्दवाड़ा जिले में विभिन्न उत्पादों के निर्यात की अपार संभावनायें हैं तथा जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किये जाने पर जिले के उत्पादकों, उद्योगपतियों, निर्यातकों, व्यापारी संघों, प्रॉस्पेक्टिव इनवेस्टर्स आदि को निर्यात पर लाभ मिल सकेगा । कलेक्टर श्री सुमन आज कलेक्टर कार्यालय में अपने कक्ष से जिला निर्यात संवर्धन समिति की वर्चुअल बैठक को वेबिनार के माध्यम से संबोधित कर रहे थे । जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा आयोजित इस वर्चुअल बैठक के प्रथम वेबिनार में जिले में निर्यात को बढ़ावा देने, निर्यात योग्य प्रोडक्ट की पहचान करने और एक जिला एक उत्पाद का चयन करने के उद्देश्य से डी.जी.एफ.टी. की सहायता से जिले का एक्सपोर्ट प्लान तैयार करने और जिले की निर्यातक ईकाईयों, उद्यमियों, कृषकों आदि से निर्यात के संबंध में सुझाव प्राप्त किये गये।
जिले को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किये जाने पर निर्यातकों को लाभ मिलेगा- कलेक्टर श्री सुमन

      कलेक्टर श्री सुमन ने वर्चुअल बैठक में कहा कि जिले के कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, उद्योग आदि क्षेत्रों में विभिन्न उत्पादों के निर्यात के लिये अलग-अलग कार्य योजना बनाई जायेगी और इस कार्ययोजना के निर्माण में विभिन्न निर्यातकों के अनुभव का लाभ लिया जायेगा । प्रत्येक क्षेत्र में निर्यात योग्य उत्पाद की पहचान कर चरणबध्द तरीके से उसकी कार्ययोजना और मार्केटिंग का प्लान बनाया जायेगा तथा उत्पादित वस्तु की क्वालिटी के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था बनाई जायेगी । इस कार्य को वृहद स्तर पर जिला निर्यात संवर्धन समिति के माध्यम से निर्यातक ईकाईयों, उद्यमियों, कृषकों आदि से समन्वय करते हुये किया जायेगा जिससे बेहतर परिणाम मिल सकें । वन उपज के क्षेत्र में भी निर्यात की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुये वनोत्पादों को भी चिन्हित किया जायेगा और इसकी भी कार्ययोजना बनाई जायेगी । उन्होंने कहा कि हर वस्तु के लिये उप समितियों को गठन कर एक टॉस्क निर्धारित किया जायेगा और बड़े निर्यातकों के अनुभव का लाभ लेते हुये कार्ययोजना का क्रियान्वयन किया जायेगा जिससे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें । सभी क्षेत्रों की कार्ययोजना बनाने के बाद राज्य शासन को स्वीकृति के लिये भेजी जायेगी । उन्होंने कहा कि जिले में उद्योगों की स्थापना के लिये भूमि की कमी नहीं है तथा आवश्यकता के अनुसार भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी । उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद के चयन के लिये जिले में अपनी अलग पहचान बनाने वाले उत्पादों में कृषि क्षेत्र में मक्का, गेहूं, धान,राइस, व कपास, उद्यानिकी क्षेत्र में आलू, संतरा, धनिया व टमाटर, औद्योगिक क्षेत्र में फ्रूट्स एंड वेजिटेबल पॉउडर, फ्रेब्रिक, सौंसर सिल्क, चिरोंजी, कस्टर्ड एप्पल, वुडन फर्नीचर और मत्स्य उत्पादन के क्षेत्रों से वस्तु की उपलब्धता और गुणवत्ता के आधार पर उत्पाद का चयन किया जा सकता है । उन्होंने कहा कि निर्यात के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा कर उनका समाधान किया जायेगा ।

      वेबिनार में भारत सरकार के विदेश व्यापार वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के नागपुर स्थित संयुक्त महानिदेशक सह अध्यक्ष श्री रामाजी चौहान, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत विकास संस्थान इंदौर के एक्सपोर्ट फेसिलिटेटर श्री नीलेश त्रिवेदी, म.प्र.औद्योगिक विकास निगम जबलपुर के कार्यकारी निदेशक श्री सी.एस.धुर्वे, एपीडा मुंबई के सहायक महाप्रबंधक श्री बाघमारे, आई.सी.डी. ए.टी.सी. ग्लोबल लॉजिस्टिक नागपुर के श्री प्रदीप शाह, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक सुश्री श्वेता सिंह, आंचलिक कृषि अनुसंधान केन्द्र के सह संचालक डॉ.विजय पराडकर, इंड्रस्टीयल ऐसोसियेशन बोरगांव के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र पटेल और व्यंकटेश फूड अजनिया के श्री राजेश जुनेजा ने भी अपने विचार प्रस्तुत करते हुये विभिन्न सुझाव भी दिये । वेबिनार का संचालन करते हुये जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक श्री जी.के.हरने ने बताया कि जिले में कृषि क्षेत्र में मक्का, गेहूं, धान व कपास, उद्यानिकी क्षेत्र में आलू, संतरा, धनिया व टमाटर, औद्योगिक क्षेत्र में फ्रूट्स एंड वेजिटेबल पॉउडर, फ्रेब्रिक, सौंसर सिल्क, चिरोंजी, कस्टर्ड एप्पल, वुडन फर्नीचर और मत्स्य उत्पादन के निर्यात की संभावनायें है तथा राज्य स्तर पर उद्यानिकी विभाग द्वारा एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत एपीडा द्वारा निर्यात की संभावनाओं के लिये गेहूं, आलू, प्याज, लहसुन, अदरक, मसाले आदि उत्पादों को चिन्हांकित किया गया है । वर्तमान में बोरगांव की लघु उद्यम निर्यातक ईकाईयों द्वारा यू.एस. व कनाडा में मसाले, ब्राजील, चीन व मैक्सिकों में डाईज इंटरमीडियेट्स, जर्मनी में बेरिंग कव्हर, कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका व ताइवान में ग्रे कॉटनयार्ड और नेपाल व आस्ट्रेलिया में कन्वेयर बेल्ट एवं वृहद निर्यातक ईकाईयों द्वारा रूस, आस्ट्रेलिया, पोलेंड व जर्मनी में फ्रेब्रिक सूटिंग, चीन, जापान, आस्ट्रेलिया व यू.ए.ई. में फ्रूट्स एंड वेजीटेबल्स पॉउडर और रवान्डा, अफ्रीका व नेपाल में एम.एस.स्पाइरल गैस पाईप का निर्यात किया जा रहा है । उन्होंने जिले में आयात करने वाली औद्योगिक ईकाईयों, जिले की प्रमुख कृषि व उद्यानिकी फसलों, मत्स्य उत्पादन, एक जिला एक पहचान के अंतर्गत चिरोंजी, हाथकरघा में सौंसर सिल्क आदि की भी विस्तार से जानकारी दी तथा जिले में निर्यात को बढ़ावा देने के लिये उद्यमियों और संस्थाओं से सुझाव प्राप्त किये । कार्यक्रम में उप संचालक उद्यानिकी श्री एम.एल.उईके, सहायक संचालक मत्स्य श्री रवि कुमार गजभिये, सहायक प्रबंधक उद्योग श्री आर.एस.उईके, सहायक संचालक कृषि श्री धीरज ठाकुर और अन्य अधिकारी उपस्थित थे,,,,,,,,,इनका कहना है,,,,,,,-बोरगांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जोतेंद्र पटेल का कहना है कि इस एक्सपोर्ट हब सेंटर को सौसर तहसील के औद्योगिक क्षेत्र बोरगांव में स्थापित किया जाए, जहां लगभग 5000 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा ,एवं आयात निर्यात से औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, क्षेत्र के किसान और व्यापारी भी लाभान्वित होंगे, और सेंटर स्थापित करने हेतु छिंदवाड़ा प्लस सेज की जमीन भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है,, और जमीन के पास से ही रेल सुविधा भी उपलब्ध है, कंटेनर के द्वारा आयात निर्यात किया जाएगा तो और नये उद्योग क्षेत्र में स्थापित होंगे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, और औद्योगिक इकाई से बनने वाले मटेरियल को आयात- निर्यात करने में आसानी  मिलेगी।

Post a Comment

0 Comments