जेसीओ कंपनी की हड़ताल समाप्त, गुरुवार से लौटे कामगार अपने कामकाज पर | JCO company ki hadtal samapt

जेसीओ कंपनी की हड़ताल समाप्त, गुरुवार से लौटे कामगार अपने कामकाज पर

जेसीओ कंपनी प्रबंधन ने मानी कामगारों की मांगे

जेसीओ कंपनी की हड़ताल समाप्त, गुरुवार से लौटे कामगार अपने कामकाज पर

बोरगांव (चेतन साहू) - उद्योगी क्षेत्र बोरगांव के अंतर्गत आने वाली जेसीओ गैस पाइप कंपनी में कामगारों की हड़ताल बुधवार को भी निरंतर जारी रही दिनभर कामगारों के द्वारा कंपनी गेट के बाहर बैठकर अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। शाम को कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद में सहमति बनी। 

बैठक के दौरान इन मांगों पर हुई चर्चा।जेसीओ कंपनी प्रबंधन कामगारों के साथ में हुई बैठक में कलेक्टर सौरभ सुमन, जिला पंचायत सीईओ नागेश सिंह, सौसर एसडीएम कुमार सत्यम नायाब तहसीलदार छवि पंत और जेसीओ कंपनी प्रबंधन से रविराज बजाज, वीरेंद्र सिंह, अमोल वानखेड़े, प्रदीप खरे, कामगारों की ओर से भाजपा नेता राहुल मोहोड,एवं 10 कामगार उपस्थित थे। 

बैठक के दौरान कलेक्टर सौरव सुमन के द्वारा दोनों पक्ष को सुनकर जो नियम में जो मांगे बैठ रही थी उसे कंपनी प्रबंधन को पूरी करने को लेकर निर्देशित किया। जिसमें 2 महीने बेसिक वेतन जो कटा है वह कामगारों को आने वाले महीने के वेतन में जोड़ कर दिया जाएगा साथ ही कंपनी में नियम के अनुसार कामगारों को पेमेंट होगा, शिफ्ट का जो शेड्यूल थाकंपनी के द्वारा सुबह 4:30 बजे से कामगार को छोड़ा जाता था अब सुबह 6:30 बजे छोड़ा जाएगा ऐसी जानकारी मिली है कि दोनों पक्षों के बीच में समझौता कराने को लेकर कलेक्टर सौरभ सुमन और सौसर प्रशासन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ज्ञात हो कि कंपनी प्रबंधन के द्वारा कामगारों के साथ में समझौता करने के बाद में भी उस पर अमल करने को लेकर मुकर रहा था इसके बाद में बुधवार शाम को सौसर तहसील कार्यालय में कलेक्टर सौरभ सुमन ने पहुंचकर कंपनी कामगारों एवं प्रबंधन से मांगों पर चर्चा की एसडीएम कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों एवं कंपनी प्रबंधन कामगारों के साथ में ढाई घंटे तक बैठक चली बैठक में कामगारों के द्वारा कम वेतन देने एवं अन्य मांग का मुद्दा उठाया गया था इसे कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद में जेसीओ प्रबंधन के द्वारा मान लिया गया है कामगार और प्रबंधन के बीच प्रशासन के अधिकारियों ने सामंजस्य बिठाते हुए मामले पर सहमति बना ली है जिसमें कंपनी प्रबंधन के द्वारा कामगारों का कटा हुआ वेतन देने और जो मांगे मान लिया है।

Post a Comment

0 Comments