जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जाएगा, कोई छुरा पंख काटने जरूर आएगा - विश्वदीप मिश्रा | Jab bhi tumhara hosla asman tak jaega koi chhura pankh katne jarur ayega

जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जाएगा, कोई  छुरा पंख काटने जरूर आएगा - विश्वदीप मिश्रा 

अभा साहित्य परिषद की  काव्य और संगीत निशा सम्पन्न

जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जाएगा, कोई  छुरा पंख काटने जरूर आएगा - विश्वदीप मिश्रा

मनावर (पवन प्रजापत) - अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आयोजित काव्य और संगीत निशा शनिवार शाम को सम्पन्न हुई । कार्यक्रम की शुरुआत कवियित्री दीपिका व्यास ने सरस्वती वंदना से की । मुख्य अतिथि बीआरसीसी अजय मुवेल ने कहा कि इस भागादौड़ी वाली जिंदगी में साहित्य और संगीत विशेष सुकून देते हैं । विशेष अतिथि दिलीप जोशी सिंघाना ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि इस अनूठी महफ़िल में शिरक़त करने का मुझे अवसर मिला । अध्यक्षता कर रहे महामंत्री विश्वदीप मिश्र ने कहा कि साहित्य और संगीत की जुगलबंदी का यह कार्यक्रम हमारे क्षेत्र  के लिए एक बड़ी सौगात है  ।‌ 

जब भी तुम्हारा हौसला आसमान तक जाएगा, कोई  छुरा पंख काटने जरूर आएगा - विश्वदीप मिश्रा

कार्यक्रम में रचनाकार परिषद के अध्यक्ष राम शर्मा  परिंदा श्रंगार रस की कविअत्री दीपिका व्यास वीर रस के कुलदीप पंड्या हास्य  बम हितेंद्र  सिंह चौहान बंटी बम शायर सतीश सोलंकी तथा व्यंग कवि  विश्वदीप मिश्रा ने जहां एक से बढ़कर एक उम्दा रचनाएं पेश की वहीं गायक कलाकार संदीप जाजमें राजा पाठक सुखदेव राठौर विक्रम सोलंकी अशोक वानखड़े हेमराज पिप्पलाद और हेमेंद्र सिंह सोलंकी ने अपनी सु मधुर आवाज में एक से गीत पेश कर समा बांध दिया।

कार्यक्रम में परिषद की ओर से सभी रचनाकारों और गायक कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया   । संचालन मुकेश मेहता और आभार प्रकाश वर्मा ने व्यक्त किया ।‌

Post a Comment

0 Comments