पिता को मुखाग्नि देकर बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज | Pita ko mukhagini dekar beti ne nibhaya bete ka farz

पिता को मुखाग्नि देकर बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज

पिता को मुखाग्नि देकर बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज

अलीराजपुर। (रफीक क़ुरैशी) - स्थानीय असाडा राजपूत समाज के सदस्य व जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के पूर्व प्रभारी प्राचार्य हेमंतसिंह वाघेला का गत दिनो गुजरात के पारुल हॉस्पिटल (बडौदा) में गंभीर बिमाारी चलते उपचार के दौरान निधन हो गया था। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए। उनकी इच्छानुसार उनकी बड़ी पुत्री कुमारी मीनल मोनू वाघेला ने उनके अर्थी को कंधा व पार्थिव देह को मुखाग्नि देकर बेटे का कर्तव्य निभाया और हिंदू धर्म अनुसार अंतिम संस्कार किए। स्थानीय मुक्तिधाम पर उनकी अंत्येष्टि की गई। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए समाज के उमेश वर्मा, डाइट के प्रभारी प्राचार्य आरएस बामनीया, शिक्षक मदनमोहन जाटव, शिक्षक संघ के राजेश आर.वाघेला ने अपने उद्बोधन में दिवंगत श्री वाघेला के कार्य, व्यवहार व अनुशासन को श्रेष्ठ बताते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा से जिले की शैक्षणिक संस्थाओं की मॉनिटरिंग कर प्रशिक्षणार्थियों के कुशल मार्गदर्शक के रुप में स्वयं को स्थापित किया। इनके परिवार में पत्नी पूर्णिमा व दो पुत्रियां मीनल व कशिश है। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष राजेश राठौर सहित समाजजनों, शिक्षकों व गणमान्य नागरिकों आदि ने श्रद्धांजलि दी ।

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