कोरोना संक्रमण नियंत्रण के लिए जिला संकट प्रबंधन समूह की बैठक में कई निर्णय लिए गए | Corona sankraman niyantran ke liye jila sankat prabandhan samuh ki bethak

कोरोना संक्रमण नियंत्रण के लिए जिला संकट प्रबंधन समूह की बैठक में कई निर्णय लिए गए

कोरोना संक्रमण नियंत्रण के लिए जिला संकट प्रबंधन समूह की बैठक में कई निर्णय लिए गए

रतलाम (यूसुफ अली बोहरा) - जिले में कोरोना संक्रमण नियंत्रण के संदर्भ में जिला संकट प्रबंधन समूह की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। कोरोना संक्रमण रोकने के दृष्टिगत बैठक में कई निर्णय लिए गए। इस अवसर पर विधायक शहर श्री चैतन्य काश्यप, विधायक रतलाम ग्रामीण श्री दिलीप मकवाना, विधायक आलोट श्री मनोज चावला, श्री राजेंद्रसिंह लुनेरा, जिला पंचायत प्रधान श्री परमेश मईडा, कलेक्टर श्री गोपालचंद्र डाड, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी, अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकद्वय श्री इंद्रजीत बाकलवार, श्री सुनील पाटीदार, निगमायुक्त श्री सोमनाथ झरिया, एसडीएम श्री अभिषेक गहलोत, मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. शशि गांधी, सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ननावरे, डॉ. राजेश शर्मा, थोक व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री मनोज झालानी, श्री गोविंद काकानी, श्री झमक भरगट, श्री कांतिलाल छाजेड़ आदि उपस्थित थे।


बैठक में जिले की वर्तमान कोरोना संक्रमण स्थिति के दृष्टिगत विचार विमर्श किया जाकर निर्णय लिया गया कि प्रत्येक स्तर पर भीड़ नियंत्रण के व्यापक प्रयास किए जाएंगे। लोगों के एकत्रीकरण को हतोत्साहित किया जाएगा। लोग अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करें, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि जिले में रात्रिकालीन कर्फ्यू 8:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक रहे, उक्त प्रस्ताव पारित कर शासन को अनुमोदन के लिए भेजा जा रहा है।


निर्णय लिया गया कि जिले में सामाजिक, सांस्कृतिक, विवाह तथा अन्य कार्यक्रमों के आयोजन हेतु किसी भी तरह लोगों के एकत्रीकरण के लिए अधिकतम सीमा 200 व्यक्तियों की रहेगी। इसके तहत हाल के अंदर 100 व्यक्ति तथा आउटर खुले मैदान परिसर में 200 व्यक्ति तक रह सकेंगे परन्तु आयोजको द्वारा हाल अथवा खुले मैदान में से किसी एक स्थल पर ही आयोजन किया जा सकेगा।  आयोजनों के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही समय सीमा रात्रि 10:00 बजे तक की ही अनुमति रहेगी। जिले में आयोजित होने वाले सामाजिक, सांस्कृतिक एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में संलग्न कार्यरत कैटरर्स, टेंट संचालक को अपने कर्मचारियों का प्रत्येक 10 दिवस में कोरोना टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा और कैटरर्स संचालक को अपने कर्मचारियों को हाथों के ग्लोब्स और मास्क उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।


उठावना कार्यक्रम चलित रहेगा, अधिकतम 25 व्यक्ति से ज्यादा एकत्र नहीं होंगे एवं समय कम से कम 3 घंटे का रहेगा। साथ ही संबंधित थाने को सूचना देना होगी। कोरोना से बचाव एवं संक्रमण फैलने से रोकने के दृष्टिगत यह भी निर्णय लिया गया कि जिले के सभी दुकानदार एवं दुकान में काम करने वाले कर्मचारी अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करेंगे। बगैर मास्क के पाए जाने पर दुकान 2 दिन के लिए बंद कर दी जाएगी। जिले में डीजे, बैंडबाजा, किसी भी तरह का प्रोसेशन चल समारोह प्रतिबंधित रहेगा। आयोजक द्वारा बैंडबाजे का उपयोग केवल कार्यक्रम स्थल पर ही किया जा सकेगा। इसके अलावा जिले में सभी प्रकार के मेले तथा हॉट भी प्रतिबंधित रहेंगे।


बैठक में व्यापारी संघ से अपील की गई कि वे स्वयं पहल करते हुए आपसी सहमति से निर्णय लेवे कि रात्रि में जितना शीघ्र हो सके दुकानें बंद की जाए। बैठक में विधायक श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि जिले को कोरोना संक्रमण के फैलाव से बचाने के लिए जरूरी है कि सभी व्यक्ति स्वप्रेरणा से मास्क पहने, सोशल डिस्टेंसिंग रखें। साथ ही किसी भी समारोह, कार्यक्रम में कम से कम लोग एकत्र हो। कलेक्टर श्री डाड ने सिटी एसडीएम तथा सीएसपी को निर्देशित किया कि शहर में होटल्स और रेस्टोरेंट का भी सघन निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित करें कि होटल में काम करने वाले कर्मचारी मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। जहां ऐसा नहीं पाया जाता है उन होटल संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। इसके अलावा नगर निगम द्वारा भी होटलों में गंदगी के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएं। बैठक में श्री राजेंद्रसिंह लुनेरा, श्री दिलीप मकवाना, श्री परमेश मईडा, श्री मनोज झालानी, श्री झमक भरगट, श्री गोविंद काकानी आदि उपस्थित सदस्यों द्वारा भी कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।

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