अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न शहर सदर चुनाव | Apni pratishtha ka prashn shahar sadar chunav

अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न शहर सदर चुनाव

साफ छवि और जनता का लोकप्रिय प्रत्याशी होगा मुस्लिम समाज शहर सदर

चुनाव आयोग भी सक्रिय, आवाम को शांतिपूर्ण चुनाव होने की उम्मीद

अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न शहर सदर चुनाव

मनावर (पवन प्रजापत) - वर्तमान दिनों नगर में मुस्लिम समाज के बीच एक अलग ही चहल-पहल और उत्साह नजर आ रहा है क्योंकि दिसंबर माह की 2 तारीख को जिले के मनावर मैं मुस्लिम समाज शहर सदर के चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें प्रत्याशी के रूप में मुस्लिम समाज के कई उम्मीदवार उम्मीदवारी करते हुए नजर आ रहे हैं। जो समाज की बागडोर अपने हाथ में रखना चाहते हैं लेकिन यह भी सत्यता है कि जनता अपने लोकप्रिय प्रत्याशी को वोट देकर विजय बनाएंगी और अन्य प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ेगा। यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है लेकिन अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न जरूर है, प्रत्याशियों को जनता के बीच अपनी लोकप्रियता साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करना होगी। साथ ही जनता के बीच अपना भरोसा कायम रखना होगा। 


*चुनाव आयोग (कमेटी) और पुलिस प्रशासन की निगरानी में होंगे चुनाव*


इसी बीच एहले मुस्लिम जमात चुनाव निगरानी कमेटी (चुनाव आयोग) भी अपनी सक्रियता को बनाये हुए है। वर्ष 2019 से मुस्लिम समाज का सदर वोटिंग के आधार पर नियुक्त किए गए थे, जिसमें चुनाव आयोग का भी अहम योगदान रहा। शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन की निगरानी में मुस्लिम समाज सदर के चुनाव होने की संभावना है, पुलिस प्रशासन के अतिरिक्त कमेटी की भी अहम जिम्मेदारी है कि समाज में शांति और सौहार्द के साथ चुनाव संपन्न कीये जाएं। एहले मुस्लिम जमात चुनाव निगरानी कमेटी के अध्यक्ष इब्राहिम पठान, उपाध्यक्ष अनवर पठान, सदरुल्ला एडवोकेट, यासीन मंसूरी, सिराज मारवाड़ी, नसरू पठान, याकूब कुरैशी (मम्मा भाई), करामत मुल्तानी सयोजक, नूरुद्दीन अगवान, जहीर मारवाड़ी, जुनेद शेख आदि नगर में लगातार भ्रमण कर नियमानुसार चुनाव कराए जाने की बात कहीं जा रही है, क्योंकि कोविड-19 के चलते माननीय गृह मंत्रालय के आदेशों का भी पालन करना जरूरी होगा कमेटी के संयोजक करामत मुल्तानी ने चर्चा कर बताया कि पिछले सदर के कार्यकाल को 1 वर्ष पूर्ण हो चुका है जिसके बाद दोबारा चुनाव कराने के लिए प्रशासन से विशेष मांग की गई थी अनुमति के बाद 2 दिसंबर को चुनाव तय किए गए जिसमें 4 प्रत्याशी अपनी दावेदारी करते नजर आ रहे हैं जिसमें नसरुद्दीन मंसूरी, परवेज शाह (पज्जु), जाफर और फिरोज खान आदि है। मुस्लिम समाज के सदर चुनाव में विशेषकर पुरुषों को ही मतदान करने का अधिकार होगा। हर प्रत्याशी जनता के बीच अपनी लोकप्रियता साबित करने में लगे हुए हैं अपनी रिश्तेदारी से लेकर मित्रता, बाहरी व्यवहार से लेकर अंदरूनी पकड़, प्रत्याशी किसी भी हालत में अपने मतों को बिखरने नहीं देना चाहता है जिसके लिए उन्हें अंतिम 3 दिनों में कड़ी मेहनत करना होगी। 


*फॉर्म उठाने का आज अंतिम दिन*


प्रत्याशियों द्वारा भरे गए नामांकन को वापस लेने के लिए आज अंतिम दिन है जिस प्रत्याशी को चुनाव नहीं लड़ना है वह आज फॉर्म उठा कर चुनाव लड़ने का अपना फैसला बदल सकेगा। 


*नुक्कड़ चर्चा में क्या कहती है जनता*


जब हमारी टीम ने शहर सदर चुनाव के लिए नुक्कड़ चर्चाएं की तो जनता में एक उत्साह नजर आया, सभी समाज जन व्यक्तिगत आधार पर मतदान देने की बात कर रहे हैं जो उम्मीदवार जिस व्यक्ति के शब्दों का मोल भाव समझ सके आमजन उसे ही अपने सदर के रूप में देखना पसंद कर रही है। सभी उम्मीदवार स्थाई निवासी होकर शहर में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं इसी बीच कुछ ही अंतराल मतों से विजय हासिल करनी होगी जिसके लिए समाज के लोगों में सभाएं और कोविड-19 को देखते हुए दूरियां बनाकर दौरे भी किए जा रहे हैं। उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है वह किसी भी हालात में कोई भी चूक करना नहीं चाहते।  जिसके लिए वह समाज से बहुमत के साथ मतदान करने की उम्मीद कर रहे हैं।

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