सामूहिक दुष्कर्म और बालिका की हत्या में गिरफ्तार 3 आरोपितों में से दो भागे | Samuhik dushkarm or balika ki hatya main giraftar 3 aropito

सामूहिक दुष्कर्म और बालिका की हत्या में गिरफ्तार 3 आरोपितों में से दो भागे

सामूहिक दुष्कर्म और बालिका की हत्या में गिरफ्तार 3 आरोपितों में से दो भागे

रतलाम (संदीप बरबेटा):-  रतलाम जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र के एक गांव में साढ़े तेरह वर्षीय बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले की पुलिस ने 12 घंटे के भीतर गुत्थी सुलझा ली। इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उन्होंंने बताया कि वे बालिका का अपहरण कर खेत में ले गए थे, वहां तीनों ने उससे दुष्कर्म करने के बाद उसे पास में ही स्थित एक तालाब में डुबो-डुबोकर मार दिया। इसके बाद शव मक्का के खेत में छोड़कर भाग गए थे। गिरफ्तार तीनों युवक एक ही परिवार के होकर अापस में चचेरे भाई है। बड़ी खबर यह है कि इनमें से दो आरो‍पित रात में भाग गए।

सामूहिक दुष्कर्म और बालिका की हत्या में गिरफ्तार 3 आरोपितों में से दो भागे

आरोपित दीपक और रवि बिलपांक थाने से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग गए। खबर फैलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग टीमें गठित कर आरोपियों की तलाश में भेजी है। टीमें उनके घर, गांव और आसपास के क्षेत्रों में उनकी खोजबीन करने में लगी हुई है। गिरफ्तार आरोपित कालू, रवि और दीपक को पुलिस मेडिकल कराने सोमवार शाम जिला अस्पताल लाई थी। मेडिकल कराकर उन्हें बिलपांक थाने ले जाया गया था, गाड़ी से उतार कर थाने के अंदर ले जाते समय दीपक और रवि वहां से भाग निकले। एसपी गौरव तिवारी ने बताया कि आरोपितों को जिला अस्पताल से मेडिकल कराकर थाने ले जाया गया था। रवि और दीपक भागे है। दोनों की तलाश की जा रही है।
 "क्या था मामला"
रतलाम जिले में बालिका से सामूहिक दुष्कर्म, हत्या कर शव खेत में फेंका,

इससे पहले एसपी गौरव तिवारी ने सोमवार दोपहर पत्रकारवार्ता में मामले का राजफाश करते हुए बताया था कि बालिका 5 सितंबर की शाम सात बजे गांव में स्थित किराना दुकान पर सामान खरीदने गई थी, इसके बाद वह घर नहीं लौटी। अाधे घंटे बाद स्वजन ने उसकी खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी।पुलिस, स्वजन व ग्रामीणों ने रातभर उसे तलाश लेकिन उसका पता नहीं चला।
दूसरा दिन सुबह करीब सात बजे घर अौर किराना दुकान के बीच सड़क किनारे झाड़ियों में किराना दुकान से खरीदा सामान व बालिका की चप्पले मिली थी। अासपास तलाश करने पर कुछ ही दूर स्थित नाथूलाल के खेत में बालिका का शव पाया गया था। उसके ब्लाउज के बटन खुले हुए थे अौर मुंह से झाक निकल रहा था। इससे उसके साथ दुष्कर्म की अाशंका व्यक्त की जा रही थी।

मामला सनसनीखेज व गंभीर होने से एएसपी (शहर) डॉ. इंद्रजीत बाकरवाल, एएसपी (ग्रामीण) सुनील पाटीदार, एसडीअोपी मानसिंह चौहान के मार्गदर्शन व बिलपांक थाना प्रभारी ब्रजेश मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। साथ ही प्रकरण की उत्कृष्ठ जांच व वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने के लिए टीम में एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल को भी शामिल किया गया।

जांच के दौरान पता चला कि अारोपित 21 वर्षीय कालू निनामा पुत्र चेनसिंह निनामा, उसके चचेरे भाई 20 वर्षीय दीपला उर्फ दीपक पुत्र नाहरसिंह निनामा व 20 वर्षीय रवि पुत्र रामसिंह निनामा सभी निवासी ग्राम गुजरपाड़ा घटना वाली रात गांव की सड़क पर देखे गए थे। खोजबीन करने पर पता चला कि वे कहीं भाग गए है। अलग-अलग स्थानों पर दबिशें देकर कुछ ही घंटों में तीनों को गांव के समीप स्थित एक खेत से हिरालत में लिया गया।

तीनों अारोपितों ने की पुष्टि

एसपी के अनुसार अारोपितों को अलग-अलग कर घटनास्थल ले जाया गया अौर घटनास्थल की तस्दीक कर तीनों से पूछताछ की गई। तीनों ने बताया कि बालिका का सड़क से अपहरण कर पास में स्थित खेत में ले गए थे। वहां उससे दुष्कर्म करने के बाद उसे तालाब में कई बार डुबोया गया। अचैत होने पर उसे खेत में छोड़कर भाग गए थे। बालिका के मुंह से झाग निकल रहे थे, इससे लग रहा था कि उसकी हत्या जहर देकर या किसी अन्य प्रकार से की गई है।

पूछताछ में पता चला कि उसकी हत्या तालाब में डुबोकर की गई है। उसके लंग्स में भी पानी भरा पाया गया है। अारोपितों को पकड़़ने व मामले की गुत्थी सुलझाने वाली टीम में एसअाइ केसी मालवीय, सालाखेड़ी चौकी प्रभारी नागेश यादव, एसअाइ अनुराग यादव, एएसअाइ गिरधारीलाल परमार, अारक्षक नीरज त्यागी, राजू मईड़ा अादि शामिल थे। टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

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