गांव के तालाब में सीखी तैराकी, बड़े पिता का मिला साथ तो पहुंच गई भोपाल एकडमी | Ganv ke talab main sikhi tairaki

गांव के तालाब में सीखी तैराकी, बड़े पिता का मिला साथ तो पहुंच गई भोपाल एकडमी

गांव के तालाब में सीखी तैराकी, बड़े पिता का मिला साथ तो पहुंच गई भोपाल एकडमी

डिंडौरी (पप्पू पड़वार) - राष्ट्रीय स्तर पर 21 व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन मेडल हासिल कर जिले का नाम रोशन करने वाली किसान की बेटी राजेश्वरी कुशराम ने शौक के तौर पर गांव के तालाब में तैराकी शुरू की और उसी तैराकी ने प्रदेश के साथ देश में उसे सम्मानित होने का मौका दिया। जिले के विकासखंड बजाग अंतर्गत ग्राम मोहतरा निवासी राजेश्वरी ने नईदुनिया से चर्चा करते हुए बताया कि उनका चयन स्पोर्ट्स एकेडमी भोपाल के लिए टेलेंट सर्च के दौरान वर्ष 2013 में हुआ था। उसके बाद से ही भोपाल में रहकर वे देश के साथ विदेश में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन खेल में कर चुकी हैं। राजेश्वरी के पिता किसान हैं। वर्तमान में राजेश्वरी अपने गृहग्राम में ही हैं।

गांव के तालाब में सीखी तैराकी, बड़े पिता का मिला साथ तो पहुंच गई भोपाल एकडमी

तालाब में डूबने से चाचा ने बचाया था

राजेश्वरी ने बताया कि वह कक्षा छठवीं से शौकिया तौर पर गांव के तालाब में अन्य बालिकाओं के साथ तैरना सीख रही थी। एक बार गांव के तालाब में डूबने से उसके चाचा ने उसे बचाया था। उसके बाद दो दिन तक वह तैरने नहीं गई थी। वर्ष 2013 में टेलेंट सर्च में चयनित होने के बाद स्वजन उसे भोपाल एकेडमी में भेजने को तैयार नहीं हो रहे थे। जिला युवा कल्याण विभाग की कोच आरती सोंधिया, राजेशवरी के बड़े पिता शिक्षक ललित सिंह कुशराम के समझाने और प्रेरित करने के बाद स्वजनों ने उसे भोपाल भेजा। प्राइमरी से हाई स्कूल तक की पढ़ाई राजेश्वरी ने गांव में की। इसके बाद हायर सेकंडरी और कॉलेज की पढ़ाई एकेडमी में प्रशिक्षण के दौरान भोपाल में ही की है।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन

राजेश्वरी को वर्ष 2013 से अब तक राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 18 गोल्ड व तीन सिल्वर मेडल हासिल किए हैं। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो कांस्य व एक सिल्वर मेडल उसने हासिल किया है। राजेश्वरी ने बताया कि एकेडमी में चयन के बाद वर्ष 2013 में मणिपुर में नेशनल चैंपियनशिप में एक गोल्ड मेडल, 2014 में भोपाल में नेशनल चैंपियनशिप में दो गोल्ड, दो सिल्वर, 2015 में सीनियर वर्ग में छत्तीसगढ़ में नेशनल चैंपियनशिप में दो गोल्ड, एक सिल्वर, 2015 में ही नेशनल गेम्स में दो गोल्ड, एक सिल्वर और नेशनल गेम्स केरल में दो गोल्ड, एक सिल्वर मेडल जीता है। वर्ष 2016 में भोपाल में नेशनल चैंपियनशिप में दो गोल्ड, 2017 में इंदौर में नेशनल चैंपियनशिप में दो गोल्ड, 2018 में भोपाल में नेशनल चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। इसी तरह वर्ष 2019 में दिल्ली में नेशनल चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल जीते हैं। वर्ष 2016 में फ्रांस में वर्ल्ड चैंपियनशिप, 2017 में चीन में एशियन चैंपियनशिप 2017 में ही थाईलैंड में वर्ल्ड चैंपियनशिप और वर्ष 2019 में इंडोनेशिया में एशियन गेम्स में हिस्सा लिया। वर्ष 2018 में चीन में एशियन चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राजेश्वरी ने एक सिल्वर और दो कांस्य पदक हासिल किए हैं।

विक्रम पुरस्कार के लिए चयन होने पर हुआ सम्मान

हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस के अवसर पर खेल युवक कल्याण विभाग और नेहरु युवा केंद्र डिंडौरी के संयुक्त तत्वावधान में कलेक्ट्रेट प्रांगण के इंडोर खेल परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विक्रम खेल पुरस्कार के लिए चयनित जिले की बेटी राजेश्वरी कुशराम को सम्मानित किया गया। परिसर में पौधरोपण भी अतिथियों द्वारा किया गया। एएसपी विवेक कुमार लाल, आरआई संध्या ठाकुर ने राजेश्वरी कुशराम को मूवमेंटो देकर सम्मानित किया। इस दौरान राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी मुकेश धुर्वे, रोहित बर्मन नेहरु युवा केंद्र को कोविड-19 में उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला खेल अधिकारी कृष्ण कुमार चौरसिया, नेहरु युवा केंद्र के कार्यालय प्रभारी आरपी कुशवाहा, दिनेश कुमार, रीता उईके, पवन बर्मन, देवेंद्र बर्मन, लक्ष्मण चंदेल, अनिल मरावी, राकेश यादव, रोशन बाबू झारिया, राजकुमार धुर्वे, सुनीता परस्ते, संगीता यादव सहित नेहरु युवा केंद्र के समन्वयक उपस्थित रहे।

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