कोरोना के साये में भी जिलेभर के गाँव गाँव मे धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस | Corona ke saye main bhi jile bhar ke ganv ganv main dhoom dham se mana

कोरोना के साये में भी जिलेभर के गाँव गाँव-मे धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस

*पहली बार गाँव गाँव पंहुचा आदिवासी दिवस*

कोरोना के साये में भी जिलेभर के गाँव गाँव-मे धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस

अलीराजपुर। (रफीक क़ुरैशी) - 9 अगस्त को विश्व मूलनिवासी दिवस(आदिवासी दिवस) uno द्वारा घोषित का दिन था। जहा एक ओर वैश्विक महामारी कोरोना जैसा संकटकाल था उसी दिन विश्वभर सहित आदिवासी बाहुल्य जिले अलीराजपुर में भी 3 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया।  जिसका अंतिम पड़ाव 9 अगस्त को हो गया।  जिलेभर के सभी गाँवो में स्थानीय कार्यक्रम किये जाने थे, जिसकी शुरुआत सुबह जिला मुख्यालय के टंट्या मामा चौराहे से शुरू हुई, सुबह 10 बजे टंट्या मामा की मूर्ति पर स्थानीय सभी सामाजिक कार्यकर्ता, विधायक, जिला कॉंग्रेस अध्यक्ष, मुस्लिम समाज के लोगो सहित काफी संख्या में भी लोग पंहुचे ओर माल्यार्पण पश्चात आदिवासी समाज की सामाजिक समस्या सबंधी चर्चा की गई। जहा पर नितेश अलावा द्वारा आदिवासी समाज की निशानी तीर-कमान, बिरसामुण्डा की फ़ोटो वाले माश्क का वितरण युवाओ ओर जनप्रतिनिधियों को किया जिसे विशेष रूपसे इंदौर से डॉ0आनंद राय द्वारा तैयार करवाया गया है।

कोरोना के साये में भी जिलेभर के गाँव गाँव-मे धूमधाम से मना विश्व आदिवासी दिवस

इस दौरान कॉंग्रेस जिलाध्यक्ष महेश पटेल द्वारा जिले में सर्वसुविधायुक्त एक आदिवासी सामुदायिक भवन बनाने की मांग जिले के दोनों विधायक और सांसद महोदय से करने की बात कही जिसमे विधायक निधि से पूरा सहयोग करने का आश्वासन विधायक मुकेश पटेल द्वारा किया गया। थोड़ी देर बाद सभी कार्यकर्ता एकत्रित हुए और 12 बजे से मुख्य बाहरी मार्ग से लगभग 2-300 बाइक से पारंपरिक वेशभूषा में तीर, कमान, फालिये से लैस होकर युवाओ ने शानदार वाहन रैली अपने गाँव की ओर निकाली। दाहोद नाके, टाकीज चौराहे पर जबरजस्त आतिशबाजी की गई और फिर वाहन रैली सीधे नजदीकी ग्राम सेजा गई।  जहां सेकड़ो कार्यकर्त्ताओ ने मिलकर रैली का स्वागत किया और बारिश में भी DJ की धुन पर युवा नाचते रहे। बड़ी संख्या मे युवा रैली के साथ आगे बढ़कर DJ के साथ लक्ष्मणि पंहुचे जहाँ DJ के साथ स्थानीय सभी लोगो ने शानदार स्वागत किया ओर मुख्य मार्ग से अंदर रैली के माध्यम से गए ओर आम सभा आयोजित की गई जहाँ नितेश अलावा को विशेष वक़्ता के रूप मे बुलाया गया था। जिन्होंने अपने संबोधन में विश्व आदिवासी दिवस की परिकल्पना, उद्देश्य, आदिवासी समाज की मूलभूत जरूरते ओर समस्याओं पर प्रकाश डालकर उसके खिलाफ सामाजिक मुहिम छेडने की बात कही,समाज की संस्कृति, परम्परा, को विशेष रूपसे बचाने की जिम्मेदारी युवाओ को लेने को कहा और धर्मांतरण रोकने की जवाबदारी ग्राम के पटेल, पुजारा, ओर सरपंच की है ओर इस दिशा में ठोस कदम उठाने की बात कही। लक्ष्मणि में हुई आम सभा मे हजारो की संख्या में युवा,युवतियां ओर वरिष्ठ नागरिक परंपरागत वेशभूषा में पंहुचे ओर समाज की समस्याओं पर चर्चा की गई। ग्राम पंचायत फाटा वास्कल में भी लगभग 3 बजे से ग्राम वास्कल रेस्ट हाउस मैदान पर हजारो की संख्या में उपस्थित सभीजनो द्वारा भगवान बिरसामुण्डा की फ़ोटो पर माल्यार्पण कर बाहर से आये अतिथियों का स्वागत सत्कार कर कार्यक्रम किया गया।  गाँव की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई जिसके निराकरण के लिए सरपंच मेहरसिंह चौहान ने आश्वस्त किया इस दौरान अलीराजपुर से भी काफी संख्या में युवा वाहन रैली के माध्यम से पंहुचे थे और नजारा भोंगरिया की तरह ही हो गया। पश्चात युवक-युवतियां मांदल,धुन पर देर शाम तक नाचते रहे। इससे पूर्व संध्या पर प्रतिवर्ष अनुसार टंट्या मामा मूर्ति पर ढाक बजाकर परंपरागत बडवे घूमते रहे जो देर रात तक चला।

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