6 माह में फूट गया 14 लाख की लागत से बना निस्तारी तालाब | 6 mah main fut gaya 14 lakh ki lagat se bana nistari talab

*6 माह में फूट गया 14 लाख की लागत से बना निस्तारी तालाब*

*मनरेगा योजना अंतर्गत कराया गया था निर्माण कार्य*

*गुणवत्ता हीन निर्माण कार्य और आपसी बंदरबांट की भेंट चढ गया तालाब*

*ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाओं में बंदरबांट करते नजर आ रहे अधिकारी और पंचायत सचिव*

*14 में से लगभग 10 लाख के बिलों को हो चुका भुगतान*

*03 लाख से अधिक के बिल भुगतान के लिए कर दिये गये प्रस्तावित*

6 माह में फूट गया 14 लाख की लागत से बना निस्तारी तालाब

खैरवानी/हनोतिया (मनेश साहू) - जुन्नारदेव विधानसभा में लगातार गुणवत्ता हीन निर्माण कार्यों की बाढ़ सी आ गई है जहां हर पंचायत में कहीं गुणवत्ता हीन सड़क तो कहीं लाखों के डैम और तालाब में गुणवत्ता हीनता के चलते ग्रामीणों को मिलने वाली सुख सुविधाएं अब ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है इसी प्रकार का एक मामला जुन्नारदेव विकासखंड अंतर्गत दूरस्थ ग्रामीण अंचल खमरा कला के ढाला पठार में सामने आया है जहां पर मनरेगा योजना के अंतर्गत 14 लाख की लागत से लॉक डाउन की अवधि में बने निस्तारी तालाब की गुणवत्ता हीनता के चलते पूरा तालाब नाले के पानी में बह गया उक्त तालाब के निर्माण से आसपास के ग्रामीणों को साल भर निस्तारी पानी  एवं खेतों में सिंचाई का लाभ प्राप्त होना था किंतु सचिव और इंजीनियर की मिलीभगत के चलते घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग कर उक्त डैम का निर्माण कर उसे गुणवत्ता युक्त बताएं जाने के कारण अब यह तालाब नाले में रेत और पत्थर के रूप में बिखरा हुआ नजर आ रहा है। 

6 माह में फूट गया 14 लाख की लागत से बना निस्तारी तालाब

*ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग*

ग्रामीणों को लाभ प्रदान करने के लिए मनरेगा योजना की राशि से बनाए गए इस निस्तारी तालाब के 6 माह से भी कम अवधि में फूट जाने पर ग्रामीणों ने इसकी निष्पक्ष जांच किए जाने की बात जिला अधिकारियों से कही है वही ग्राम पंचायत खमरा कला में अन्य निर्माण कार्यों सहित अभिलेखों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी ग्रामीणों द्वारा की गई है गौरतलब हो कि इस पंचायत में प्रभारी सचिव अनिल पाटिल द्वारा लगातार मनमानी कर निर्माण कार्यों सहित अन्य पंचायत के कार्यों में मनमानी एवं भर्राशाही चलाई गई है जिससे ग्रामीणों को मिलने वाले लाभ से उन्हें वंचित तो रखा ही गया है साथ ही अपनी जेब भरने के भी समस्त इंतजाम इनके द्वारा किए गए हैं ग्रामीणों का कहना है कि इसकी जिला अधिकारियों द्वारा जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाना चाहिए जिससे अन्य पंचायतों में ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाओं से खिलवाड़ ना किया जा सके।


*14 में से 10 लाख का हो चुका भुगतान, 3 लाख से अधिक के बिल है प्रस्तावित* 

ग्राम पंचायत खमराकला के ढाला पठार के नाले में बनाये गये इस तालाब निर्माण में अब तक मजदूरी और मटेरियल के लगभग 10 लाख की राषि का भुगतान भूतपूर्व सचिव अनिल पाटिल द्वारा किया जा चुका है वहीं लगभग 3 लाख से अधिक के बिल स्वीकृत होकर भुगतान के लिए प्रस्तावित है ऐसे में लगभग सम्पूर्ण राशी का व्यय कर दिये जाने के बाद तालाब निर्माण के 6 माह में बह जाने पर अब क्या अधिकारी सचिव और अन्य सम्मिलित अधिकारियों को बचाते नजर आयेंगे या फिर दोषियों पर कार्यवाहीं की जायेगी इसका इन्तजार अब ग्रामीणों को रहेगा। फिलहाल मनरेगा से निर्मित हुये इस तालाब का लाभ अब ग्रामीणों को मिलेगा भी या नहीं इस पर प्रष्नचिन्ह लग चुका है। 

6 माह में फूट गया 14 लाख की लागत से बना निस्तारी तालाब

*इनका कहना है*

उक्त तालाब का निर्माण कार्य अभी अधूरा है। आगामी समय में निर्माण कार्य जारी होने के दौरान तालाब का निर्माण कार्य फिर प्रारंभ होगा। यदि इसमें लापरवाही बरती गई है तो दोषियों पर कार्यवाहीं की जायेगी। 
सुरेन्द्र साहू, सीईओ, जनपद पंचायत जुन्नारदेव

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