लोग गड्‌ढों में सड़क ढूंढने को मजबूर | Log gaddho main sadak dhundne ko majbur

लोग गड्‌ढों में सड़क ढूंढने को मजबूर 

लोग गड्‌ढों में सड़क ढूंढने को मजबूर

समनापुर (पप्पू पड़वार) - सरकार चाहे कितना भी सड़कों के गड्ढा मुक्त होने का दावा करे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें ऐसी हैं जो बेहद खस्ताहाल हैं। ये सड़कें शासन के दावों की पोल खोल रही हैं। खास बात तो यह है कि गड्ढों में तब्दील हो चुकीं इन सड़कों के निर्माण के लिए जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जनप्रतिनिधि हो या अधिकारी, उनकी गाड़ियां भी इन्हीं सड़कों में बने गड्ढों से होकर निकलती हैं, जबकि  सरकार ने सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का फरमान दिया था।

लोग गड्‌ढों में सड़क ढूंढने को मजबूर

लेकिंन समनापुर विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में अगर जाना हो तो फर्राटे की रफ्तार की बात तो भूल ही जाइए, सुरक्षित सफर के लिए आपको धीमी रफ्तार से ही चलना होगा। यहां की सड़कों पर इतने गड्ढे हो चुके हैं कि इसमें सड़क को खोजना राई में सूई खोजने की कहावत जैसी नजर आएगी। इन सड़कों से रफ्तार में वाहन चलाना तो दूर, जान जोखिम में डालकर हिचकोले खाते हुए ही लोगों को निकलना पड़ रहा है। यह हालात समनापुर मुख्यालय से लेकर जाताडोंगरी तिराहे तक बनी हुई है। महज 2.65 किमी लम्बाई की सड़क की जिम्मेवारी PWD विभाग के घोषित MDR के अंतर्गत है यहाँ टूटी हुई सड़क की मरम्मत को लेकर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। हालातों को लेकर न तो जनप्रतनिधियों ने सक्रियता दिखाई है और न ही जिम्मेदार अधिकारी ही गंभीरता बरत रहे हैं।अब मानसून की बारिश में गहरे गड्ढे जानलेवा हो चुके हैं। लोग जान का जोखिम लेकर गुजरने को मजबूर हो रहे हैं।


बजाग,गाड़ासरई सहित 30 गांव को जोड़ती है सड़क

समनापुर से जाताडोंगरी तिराहे तक 2.65 किमी सड़क में गड्ढे होने से वाहन चालकों को आए दिन दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस सड़क से 30 से भी अधिक गांवों का संपर्क होने के बावजूद वर्षों से जर्जर मार्ग की ओर पीडब्ल्यूडी विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। इन दिनों बारिश के समय गड्ढों में पानी भरने के बाद यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को आए दिन दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क के दोनों तरफ लोग उठा रहे परेशानी 

सड़क के दोनों तरफ दुकानदार और मकान मालिक भी परेशानी उठा रहे हैं। क्योंकि जब भी कोई वाहन यहां से निकलता है तो वाहनों के पहियों से गिट्टी उछलकर लोगों को घायल कर रही हैं। स्थानीय रहवासी सत्यम राय,नरेश साहू,दिनेश राय,अरविंद तिवारी,सचिन पाठक आदि ने बताया कि इस समस्या के अलावा सबसे बड़ा डर छोटे बच्चों का बना रहता है। क्योंकि कब किस वाहन के पहिए से पत्थर उछलकर किसी भी बच्चे को लग जाए। लगातार इस समस्या की वजह से लोग परेशान है। स्थानीय रहवासियों ने शासन प्रशासन से जल्दी सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

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