नगर निगम में पीएम आवास में 20 से अधिक फर्जी पट्टे धारक को दिया गया योजना का लाभ, जांच में खुलासा | Nagar nigam main PM awas main 20 se adhik farzi patte dharak ko diya gaya yojna ka labh

नगर निगम में पीएम आवास में 20 से अधिक फर्जी पट्टे धारक को दिया गया योजना का लाभ, जांच में खुलासा

नगर निगम में पीएम आवास में 20 से अधिक फर्जी पट्टे धारक को दिया गया योजना का लाभ, जांच में खुलासा

बुरहानपुर। (अमर दिवाने) - नगर निगम में 20 से अधिक फर्जी पट्टे बनवाकर पीएम आवास योजना का लाभ लेने का मामला सामने आया है। इसकी शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता डॉ.आनंद दीक्षित ने की थी। जिसके बाद जांच मे 20 फर्जी पट्टे पकडाए हैं। सभी संदिग्ध पट्टे नेहरूनगर क्षेत्र के हैं। अब यह मामला सत्यापन के लिए अनुविभागीय अधिकारी बुरहानपुर को भेजा जाएगा।

उक्त फर्जी मामले में निगम इंजीनियर सगीर अहमद की भूमिका अहम बताई जा रही है। उनके द्वारा ही पीएम आवास योजना के आवेदनों को अंतिम रूप देने का काम किया जाता है। जिसमें उन्होंने खुलकर मनमानी की और फर्जी पट्टे के साथ आवेदन करने वाले लोगों को योजना का लाभ दे दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कईं प्रकरणों में तो फाइल से पट्टे भी गायब कर दिए गए हैं।

नगर निगम में पीएम आवास में 20 से अधिक फर्जी पट्टे धारक को दिया गया योजना का लाभ, जांच में खुलासा

डॉ.आनंद दीक्षित ने एसडीएम, नगर निगम आयुक्त से मांग की है, कि रिकार्ड की सुरक्षा की जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाये।

नगर निगम में इंजीनियर सगीर अहमद द्वारा पीएम आवास योजना में गडबडी कर अपात्र लोगों को भी पीएम आवास का लाभ दे दिया गया। उनकी कार्यप्रणाली की जांच की मांग की गई है। साथ ही अब तक उन्होंने जितने भी पीएम आवास स्वीकृत किए हैं, उसके रिकार्ड चेक करने की भी मांग की जा रही है, क्योंकि महज शुरूआती जांच में ही करीब 25 से अधिक हितग्राही सामने आ चुके हैं, जिनके द्वारा फर्जी पट्टे बनवाकर योजना का लाभ लिया गया है। तो वहीं पिछले दिनों नगर निगम की टैक्स रसीद में भी फर्जीवाडा कर योजना का लाभ लिए जाने का मामला सामने आ चुका है। उस मामले में भी नगर निगम आयुक्त भगवानदास भूमरकर ने जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह से अनुमोदन तो ले लिया, लेकिन कार्यवाही अब तक नहीं की। इसी तरह अधिवक्ता मनोज अग्रवाल द्वारा भी पीएम आवास योजना का फर्जीवाडा उजागर किया गया था। उसमें भी नगर निगम अधिकारियों, कुछ पूर्व पार्षदों की भूमिका संदेह के घेरे में है, लेकिन निगम अधिकारी कार्यवाही के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं।

इस संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता डॉ.आनंद दीक्षित का कहना है कि फ़र्जी पट्टों के प्रकरण में से कई प्रकरणों में पट्टे ही गायब, रिकार्ड की सुरक्षा अति आवश्यक है। साथ ही दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल एफआईआर की मांग करता हू।

बुरहानपुर आयुक्त भगवानदास भूमरकर का कहना है कि फर्जी पट्टे बनवाकर पीएम आवास योजना का लाभ लेने का मामला सामने आया है। प्रकरणों को सत्यापन के लिए एसडीएम को भेजा जाएगा। जो भी दोषी होंगा कार्यवाही की जायेंगी।

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