योग भारत की बहुत प्राचीन परंपरा में से एक है - सांसद डामोर | Yog bharat ki bahut prachin prampara main se ek hai

योग भारत की बहुत प्राचीन परंपरा में से एक है - सांसद डामोर

योग भारत की बहुत प्राचीन परंपरा में से एक है - सांसद डामोर

झाबुआ (अली असगर बोहरा) - अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश संगठन के निर्देश पर भाजपा जिला मुख्याल पर जिला अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नायक और सांसद गुमान सिंह डामोर की गरिमामय उपस्थिति में सम्पन्न हुआ,इस मौके पर सांसद डामोर ने जिले वासियों को योग दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की है वही सांसद डामोर ने कहा कि योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हुए कहा कि योग भारत की बहुत प्राचीन परंपरा में से एक है,जिसे हम अष्टांग योग के रूप में भी जानते हैं,यम, नियम,आसन, प्राणायाम,प्रत्याहार,धारणा,ध्यान और समाधि ये 8 हिस्से अष्टांग योग के हैं ये आसन इन सबका जोड़ है,लेकिन यम और नियम पर विशेष जोर देने की आवश्यकता है,तभी अष्टांग योग का लाभ जीवन में मिल सकता है,योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं,कुछ समय अपने लिए निकालें,जिसमें आप यम, नियम,आसन और प्राणायाम का पालन करें,वही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला अध्यक्ष नायक ने कहा कि योग को भारत की तरफ से विश्व को दिया गया सबसे बड़ा उपहार बताते हु कहा है कि इसे किसी जाति,धर्म अथवा मजहब की सीमाओं में बांधकर नहीं देखा जाना चाहिए,जिला अध्यक्ष नायक ने कहा कि आज भारत में ही नहीं,बल्कि सारी दुनिया में योग और आयुर्वेद का अभ्यास किया जा रहा है,जो कि हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है,जिला अध्यक्ष नायक ने कहा कि योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता को भारत के विश्व गुरू बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जाना चाहिए,योग दिवस के उपलक्ष्य पर पूर्व विधायक शांतिलाल बिलवाल,राजेश मेहता,मंडल अध्यक्ष बबलू सकलेचा,भूपेश सिंगोड़,धनसिंह बारिया,पपीश पनेरी,अर्पित कटकानी,राजेश पडियार,अंकुर पाठक आदि उपस्थित,योग दिवस का संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय पोरवाल ने किया।

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