मुबारक हो यह रात मगफिरत की रात होती है - मुस्लिम समाज उपाध्यक्ष कादर शेख | Mubarak ho yah raat magfirat ki raat hoti hai

मुबारक हो यह रात मगफिरत की रात होती है - मुस्लिम समाज उपाध्यक्ष कादर शेख

मुबारक हो यह रात मगफिरत की रात होती है - मुस्लिम समाज उपाध्यक्ष कादर शेख

थांदला (क्रीम शेख) - शबे बरात आप सभी को मुबारक हो यह रात मगफिरत की रात होती है शबे का अर्थ होता है रात एवं बारात का अर्थ होता है बरी इस रात को आने वाले साल के बारे में लिखा जाता है इस रात को अपने मां बाप भाई बहन अहले रिश्तेदार जो इस दुनिया से चले गए हैं उनके लिए दुआएं मग फिरत की जाती है कि अल्लाह ताला अपने महबूब के सदके में सबको जन्नतुल फिरदोस में आला से आला मक़ाम अता फरमाए रमजान मुबारक से 15 दिन पहले अल्लाह ताला ने यह रात अता फरमाए कोरोनावायरस के चलते अपने अपने घरों पर ही इबादत करें एक जगह इकट्ठा न हो और अल्लाह से दुआ करें कि अल्लाह ताला हम सब हिंदुस्तानी को इस बीमारी से बचाए एवं हमारी हिफाजत करें एवं हिंदुस्तान से इस बीमारी का  खात्मा करें मेरे द्वारा या मेरी किसी बात से आपका दिल दुखा तो अल्लाह और उसके रसूल के लिए मुझे शबे बरात के सदके में मुझे माफ करें आपका छोटा भाई कादर शेख थांदला उपाध्यक्ष मुस्लिम समाज ।

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