मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह की नई सरकार ने कर्मचारियों को कड़वा घूंट पी ने किया मजबूर
जबलपुर (संतोष जैन) - पूर्व सीएम कमलनाथ बोले शिवराज की कर्मचारी विरोधी सोच उजागर पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा हमने कर्मचारियों की मांग को पूरा करते हुए दिए बढ़ाने का फैसला लिया था शिवराज सरकार ने आदेश पर रोक लगाकर अपनी कर्मचारी विरोधी सोच को उजागर कर दिया है कमलनाथ ने कहा सरकार ने दिए के आदेश जारी नहीं किए तो कांग्रेश इसके विरोध में सड़क पर उतरेगी
मध्य प्रदेश की सरकार मे करो ना संकट के चलते प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में की गई वृद्धि संबंधी आदेश को स्थगित कर दिया है इससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में जो 5% की वृद्धि की गई थी उसको स्थगित किया है जिसके चलते प्रत्येक अधिकारी कर्मचारी को 1000 से लेकर 6000 तक का मासिक नुकसान होगा एक ओर जहां मार्केट में महंगाई पैर पसार रही है वहीं दूसरी ओर जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ता जो बड़ी मुश्किल से पिछली सरकार ने कर्मचारियों को दिया था उसे रोक देना कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात है साथ ही इससे कर्मचारी जगत में एक बड़ी नाराजगी भी बढ़ेगी क्योंकि कर्मचारी सरकार से कंधे से कंधा मिलाकर 1 दिन का वेतन देने का ऐलान पहले ही कर चुका है ऐसे में बिना कर्मचारियों को विश्वास में लिए हुए दिए गए महंगाई भत्ते को स्थगित करना एक ऐसा कृत्य है जो न्याय के विरुद्ध है और कर्मचारी जगत इसकी घोर निंदा करता है सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रदेश के शासकीय कर्मचारी नेता चंद्रप्रकाश उसराठे, रत्नेश मिश्रा, शैलेष पंड्या,आरिफ अंजुम, विपिन तिवारी, अजय तिवारी, अजीतपाल यादव,उमाशंकर पटेल,आशीष उपाध्याय, मुस्ताक खान, दिनेश मिश्रा, प्रदीप पटेल, सुबोध झारिया, उपेंद्र कौशल, रविशंकर कोरी,अनिल पटेल,अजय रजक,देवेन्द्र राजपूत, अरविंद बाजपेई, शरद शुक्ला, अरविंद तिवारी, नितिन तिवारी, प्रदीप सेन,संजीव पांडे, रवि विश्वकर्मा आदि ने इस फैसले की घोर निंदा की है।
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