लाकडाउन का नही हो रहा पालन, सुबह शाम गाँव मे हाट बाजार जेसा माहोल | Lockdown ka nhi ho rha palan

लाकडाउन का नही हो रहा पालन, सुबह शाम गाँव मे हाट बाजार जेसा माहोल


बरमंडल (नीरज मारु) - जहां एक और पूरे विश्व में और देश में कोरोना वायरस तेजी से पैर पसार रहा है ,और स्वास्थ्य विभाग, शासन, प्रशासन ,पुलिस विभाग और कुछ जागरूक संस्थाएं इसकी रोकथाम के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर अपनी सेवाएं दे रहे हैं ,चाहे उन पर पथराव हो चाहे ,जान लेवा हमला ,फिर भी आम लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी अपने घरों से दूर रहकर कर रहे हैं ।

वहीं बरमंडल के बाशिंदे अपने दुकानदारी चलाने के लिए शासन के आदेशों और लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं ,वह समझ रहे हैं, कि हम पुलिस प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे हैं, परंतु उन्हें यह ज्ञात नहीं है ,कि हम अपने ही लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

लाकडाउन का नही हो रहा पालन, सुबह शाम गाँव मे हाट बाजार जेसा माहोल

बरमंडल का आलम यह है, कि सुबह होते ही अधिकांश दुकानें खुल जाती है और हाट बाजार जैसा माहौल शुरू हो जाता है, चाहे वह इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रॉनिक व्यवसाई हो ,जूते चप्पल का व्यवसाई हो ,चाहे कॉस्मेटिक, कपड़े का व्यापारी हो सभी देखो वो कर अपने दुकाने शुरू कर देते हैं ,उन्हें ना तो कोरोनावायरस का डर है, नहीं शासन प्रशासन का डर।

पुलिस प्रशासन की ड्यूटी के पहले सुबह 6:00 बजे से 9:00 बजे तक सभी व्यापारी जमकर अपनी दुकानदारी चलाते हैं ,उसके बाद बैंक से राशि निकालने और सोसाइटी से राशन लेने के नाम पर फिर भीड़ शुरू हो जाती है, यह भी शाम को चार पांच बजे तक चलती है, पुलिस प्रशासन की ड्यूटी  के बाद शाम को 5:00 बजे बाद व्यापारी फिर अपनी दुकानदारी शुरू कर लेते हैं, हालांकि कुछ ईमानदार, देशप्रेमी व्यापारी गण ऐसे भी हैं, जो लॉक डाउन का  पूरी निष्ठा के साथ पालन कर रहे हैं और शासन प्रशासन को सहयोग भी दे रहे हैं, वहीं अधिकांश व्यापारी इस छूट का दुरुपयोग भी कर रहे हैं, ऐसे में जो व्यापारी लॉक डाउन का पालन ईमानदारी से कर रहे हैं वह अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उनके इस प्रयास  पर यह लोग पानी फेर रहे हैं, इन लोगों द्वारा शासन प्रशासन से अपील की गई है कि या तो ऐसे व्यापारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए ।

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