बस में सवार 13 मजदूरों को वापस महाराष्ट्र भेजा | Bus main sawar 13 majduro ko wapas maharashtra bheja

बस में सवार 13 मजदूरों को वापस महाराष्ट्र भेजा

सफल फ्रूट (सुरुचि) कंपनी के लिए महाराष्ट्र से 13 मजदूर को प्रवेश दिया जा रहा था 

लेकिन जांच में एक मजदूर को कोरोना संक्रामक का अनुमान लगाकर सभी को वापस कर दिया गया


छिन्दवाड़ा (गयाप्रसाद सोनी) - सौंसर - महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सीमा पर आज फिर महाराष्ट्र के चंद्रपुर भीवापुर से 13 मजदूर पहुंचे थे,जिनके पास डॉक्टरी मेडिकल चेकअप रिपोर्ट भी थी, सभी एक बस में 13 मजदूर आए थे ,जो सफल फ्रूट कंपनी (सुरुचि) बोरगांव में जा रहे थे ,डॉक्टरी चेकअप रिपोर्ट होने के बाद भी एक मजदूर को तेज बुखार, एवं सांस लेने में तकलीफ, आवाज भी साफ नहीं आ रही थी पुछने पर स्वंय मजदूर ही बोला की मुझे 4-5 दिन से बुखार है, तो मेडिकल चेकअप रिपोर्ट कैसे बन गई,जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण होने का अनुमान लग रहा था, जिसके कारण डॉक्टर और सीमा पर तैनात पुलिस बल ने सभी बस में सवार 13 मजदूरों को आज वापस महाराष्ट्र में भेज दिया, वही सीमा पर तैनात पुलिसकर्मी डॉक्टर सभी का कहना है कि इतना बड़ा लाक डाउन होने के बाद भी आखिर महाराष्ट्र से मजदूर को क्यों लाया जा रहा है, इससे तो पूरे क्षेत्र में कोरोना संक्रमण फैल सकता है, क्योंकि सफल फ्रुट (सूरुची) कंपनी में इन महाराष्ट्र के मजदूर के साथ औद्योगिक क्षेत्र के आसपास के स्थानीय मजदूर भी काम कर रहे हैं, और इसी के माध्यम से पूरे क्षेत्र में कोरोना वायरस फैलने की उम्मीद लग रही है,और सबसे अधिक कोरोना वायरस तो महाराष्ट्र में ही फैला हुआ है,तो वहां से मजदूरों को क्यो लाया जा रहा है,इसके पहले भी लगभग 35 मजदुरो को ऐसे ही सीमा से प्रवेश दिया गया था,जो पुरे क्षेत्र के लिए खतरा हो गया है।

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