तेंदुए की निर्मम हत्या संरक्षण के नाम पर वन विभाग सिर्फ वन्य प्राणियों कि लाश बटोरने का कर रहा कार्य
बालाघाट (देवेन्द्र खरे) - जिले में एक के बाद एक तेंदुए की मौत वन विभाग की लापरवाही को उजागर कर रहा है वैसे तो जिले में नेशनल पार्क होने की वजह से वन्य प्राणियों को संरक्षण के नाम से शासन की ओर से पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है किंतु कुछ ही माह में 4 तेंदुए की मौत इसकी जमीनी हकीकत को बयां कर रही है ।
जिले के वारासिवनी तहसील के नाँदगांव में तेंदुए की मौत को एक महा भी पूर्ण नहीं हुआ और आज दूसरे तेंदुए की निर्मम हत्या जिसके पैर बंधे हुए थे छोटे से तलाव से जिसका शव बरामद किया गया । जो वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने पर मजबूर कर रहा है। वन प्राणियों के शिकार पर अंकुश लगाने में वन विभाग पूर्णता असफल दिख रहा है । इस पर डीएफओ से सवाल पूछने पर उन्होंने बताया कि तेंदू की जनसंख्या जिले में बहुत बढ़ रही है यदि तेंदुए की तीन चार मौत भी हो जाती है तो यह बहुत बड़ी संख्या नहीं होती ।यदि ऐसे ही अधिकारी तेंदुए की मौत की गिनती करते रहेंगे तो वह दिन दूर नहीं जब हम इन्हें सिर्फ तस्वीरों में देखेंगे । फॉरेस्ट विभाग की ओर से वन प्राणियों को सुरक्षा के नाम पर सिर्फ धोखा मिल रहा है ।
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