तेंदुए की खाल और नाखून जब्त, शिकारी गिरफ्तार
इस घटना में और भी आरोपी शामिल होने की संभावना, उमरिया से कटनी जा रहा था आरोपी
उमरिया (अरविन्द द्विवेदी) - तेंदुए की खाल और दांतो के साथ एक शिकारी गिरफ्तार हुआ है। गिरफ्तार शिकारी का नाम व पता- उमरिया जिले के इंदवार थाना अंतर्गत ग्राम चंदवार निवासी कमलेश सोनी बताया गया है। कटनी जिले में वन्य प्राणी अपराध नियन्त्रण ब्यूरो, एसटीएफ, वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो व वन विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। आरोपी के पास से तेंदुआ की खाल व नाखून बरामद हुआ है। संयुक्त टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर जांच प्रारम्भ कर दी है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क में बाघ, तेंदुआ आदि वन्य प्राणी की अधिकता होने के कारण उमरिया व कटनी जिले में इसके शिकारी और तस्कर भी मौजूद है। समय-समय पर इनके पकड़े जाने से एक बात तो साफ है कि वन विभाग शिकार को रोकने में पूरी तरह असफल है।
इस तरह की कार्यवाही:-
जबलपुर में एसटीएफ और वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो को तेंदुए के खाल की तस्करी की जानकारी लगी। जिसके पश्चात टीम सक्रिय हुई और कटनी पहुंच कर वन विभाग कटनी के अधिकारियों को भी शामिल करते हुए एक संयुक्त टीम बनाई गई। संयुक्त टीम ने सूत्रों से मिले इनपुट के आधार पर ग्राहक बनकर कमलेश से संपर्क कर उसे तेंदुए की खाल व नाखून खरीदने का सौदा तय किया व माल की डिलीवरी के लिए कटनी-शहडोल मार्ग के जोला बाईपास पर तय हुआ। जैसे ही वह स्थान पर पहुंचा, वहीं पे टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से एक तेंदुए की खाल और जेब से 9 नाखून मिले। तेंदुए की खाल नाखून बरामद करने के बाद संयुक्त टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ प्रारम्भ कर दी हैं। संयुक्त टीम का मानना है कि इस पूरे मामले में कमलेश अकेला नही, बल्कि कुछ लोग और भी शामिल हो सकते है।
संयुक्त टीम में बड़वारा रेंजर शैलेंद्र तिवारी के साथ वनपाल राजेंद्र करण, वनरक्षक पंकज द्विवेदी, वर्ल्ड वाइल्डलाइफ कंट्रोल ब्यूरो के निरीक्षक देवेंद्र सिंह राठौर, आरक्षक राजीव दीक्षित, एएसआई शैलेंद्र सोनी व आरक्षण निर्मल सिंह प्रभात भी शामिल थे।
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