खैरलांजी में गंभीर कुपोषित बच्चों के समुदाय आधरित प्रबंधन पर दिया गया प्रशिक्षण
बालाघाट (देवेन्द्र खरे) - महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में अति गंभीर कुपोषित बच्चों के समुदाय आधारित प्रबंधन (सीसैम कार्यक्रम) पर कार्यकर्ता एवं एएनएम का परियोजना स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। परियोजना अधिकारी लकेश उके द्ववारा प्रशिक्षण में बताया कि 11 से 20 फरवरी के बीच सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर अति कम वजन बच्चों का चिन्हांकन पर्यवेक्षक के निगरानी में किया जावेगा। बच्चे के वजन, लंबाई व ऊंचाई के आधार पर पांच दिवसीय सीसैम क्लीनिक आयोजन के लिए रोस्टर तैयार किया जाएगा। ऐसी अति कम वजन के बच्चे जो चिकित्सकीय जटिलता वाले एवं भूख परीक्षण में फेल हो गए हो इन बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा। शेष अति कम वजन के बच्चों को सी सेम क्लीनिक में उपचार किया जाएगा।
प्रथम दिन एएनएम इन बच्चों को अपनी निगरानी में आवश्यक दवाएं अमाक्सीसिलिन अल्बेंडाजोल, फोलिक एसिड टेबलेट आयरन सिरप एवं मल्टीविटामिन सिरप का निर्धारित डोज देगी तत्पश्चात शेष 4 दिनों में बच्चों के माता-पिता, अभिभावक ध् देखभाल करता को बुलाकर आवश्यक साफ-सफाई, स्वास्थ्य, पोषण, एवम परामर्श दिया जाएगा। आगामी 12 सप्ताह विभिन्न थीमों पर बच्चों के परिवारों को जागरूक किया जाएगा। 12 सप्ताह उपरांत जो बच्चे सामान्य स्वस्थ हो जाएंगे उन्हें सीसैम क्लीनिक से डिस्चार्ज किया जाएगा जो बच्चे रिकवर्ड नहीं हुए अथवा चिकित्सकीय जटिलता या ऐपेटाइट टेस्ट में फेल हुए हैं उन्हें एनआरसी पहुंचाया जाएगा।
एनआरसी में भर्ती होने के पश्चात वापस लौटे बच्चों को फॉलोअप समुदाय आधारित प्रबंधन के माध्यम से होगा। समग्र रूप में अति गंभीर कुपोषित बच्चे जो एनआरसी में भर्ती के लायक नहीं उनका उपचार होगा। बच्चे के सीसेम क्लीनिक में ठीक होने के आगामी 3 माह इन बच्चों को व्हीएचएसएनडी दिवस पर चिकित्सकीय जांच एवं पोषण का स्तर जांचा जावेगा। इस अवसर पर आईसीडीएस ईसीसीई समन्वयक श्री संदीप सिह, CHAI समन्वयक ,पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
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