इस जगह पर हजारों की संख्या में भक्तजन कथा को बैठकर रसपान कर रहे थे आज यह सुनसान हो गई | Is jagah pr hazaro ki sankhya main bhaktajan katha ko beth kr raspan kr rhe the

इस जगह पर हजारों की संख्या में भक्तजन कथा को बैठकर रसपान कर रहे थे आज यह सुनसान हो गई 

इस जगह पर हजारों की संख्या में भक्तजन कथा को बैठकर रसपान कर रहे थे आज यह सुनसान हो गई

पेटलावद (मनीष कुमट) - ऐतिहासिक श्रीमद् भागवत कथा का सफल आयोजन संपन्न हुआ गांव जामली मालवा माटी के मां सरस्वती के वरद पुत्र कमल किशोर जी नागर द्वारा अपने मुखारविंद से रसपान कराया गया था संपन्न होने के बाद छाई मायूसी सप्त दिवसीय भागवत कथा से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु श्रीमद भगवत कथा सुनने जा रहे थे जिससे गांव के ग्रामीण जनों में काफी उत्साह था बढ़-चढ़कर कार्य कर रहे थे ऐसा लग रहा था सभी को की अपना ही काम कर रहे हैं आयोजक कांतिलाल पाटीदार बताते हैं कि जैसे ही श्रीमद भगवत कथा खत्म हुई हमें भी अच्छा नहीं लग रहा है उसके बाद हमारे परिवार के सदस्य किसी को भी रोटी की भूख तक नहीं लग रही थी उसका कारण ऐसा लग रहा था कि भागवत कथा निरंतर जारी रहे सभी कार्यकर्ताओं को चेहरे पर कथा होने तक जोश दिखाई दे रहा था लेकिन खत्म होने पर मायूसी दिखाई दे रही है गांव में सन्नाटा जैसा दिखने लगा है कहते हैं कि अगर किसी के यहां मेहमान आता है तो काफी खुशी होती है उसके बाद अगर वह वापस अपने घर जाते हैं तो दुख होता है ऐसा ही दूरदराज से आए मेहमान हमारे लिए खुशी लेकर आए थे लेकिन वह वापस चले गए तो दुख हो रहा है हजारों वाहनों की आवाजाही श्रीमद् भागवत कथा के समिति के सदस्य अपने-अपने जिम्मेदारी को निभाते रहे कहीं कुछ कमी ना रह जाए इस तरह काम कर रहा थे रात्रि में पूरे पांडाल में भजन चलते रहे प्रतिदिन गांव के रमेश राठौड़ बताते हैं कि हमें तो बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है हमारे गांव की पहचान बन गई थी।

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