जलियावाला बाग शहादत के 100 वर्ष पूर्ण होने पर यह मिट्टी है बलिदान की संदेश यात्रा पहुंची समनापुर | Jaliyan wala baag shahadat ke 100 varsh purn

जलियावाला बाग शहादत के 100 वर्ष पूर्ण होने पर यह मिट्टी है बलिदान की संदेश यात्रा पहुंची समनापुर

ʼʼजलियावाला बाग यह मिट्टी है बलिदान की” अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद महाकौशल प्रांत के तत्वावधान मे संदेश यात्रा

जलियावाला बाग शहादत के 100 वर्ष पूर्ण होने पर यह मिट्टी है बलिदान की संदेश यात्रा पहुंची समनापुर

समनापुर (पप्पू पड़वार) - विकासखंड समनापुर मुख्यालय में जलियावाला बाग हत्याकांड के 100 वर्ष पूर्ण होने पर देश के युवा तरुणाई को जंगे आजादी पर क्रूरतापूर्ण हत्या कर दी गयी थी इन्हीं की शहादत को याद दिलाने के उद्देश्य से महाकौशल प्रांत द्वारा यह मिट्टी है बलिदान की संदेश कलश यात्रा 9 फरवरी कटनी जिला मुख्यालय से  शुभारंभ किया गया जो कि 8 जिलों का भ्रमण करते हुए 27 फरवरी को जबलपुर पहुंचेगी। कलश यात्रा उमरिया,शहडोल,अनुपपुर,डिडौरी होते हुए इकाई समनापुर में 19 फरवरी को पहुंची जहां गांधी चौंक में नगर वासियो ने भव्य स्वागत किया गया जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य कृष्ण कुमार पटेल द्वारा कलश पर माल्यार्पण किया। इकाई के  संयोजक रंजीत कार्तिक,सह संयोजक जावेद मारावी एवं कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय एवं वंदे मातरम के नारे लगाकर पूरे समनापुर का माहोल  देश भक्तिमय बना दिया।

जलियावाला बाग शहादत के 100 वर्ष पूर्ण होने पर यह मिट्टी है बलिदान की संदेश यात्रा पहुंची समनापुर

कार्यक्रम में प्रांत कार्यकारिणी सदस्य कृष्ण कुमार पटेल ने कहा ‘हम जलियांवाला बाग का राष्ट्रीयकरण करना चाहते हैं’
जलियांवाला बाग हर भारतवासी के लिए किसी भी तीर्थ से कमतर नहीं है। यह जगह हमारे लिए जीवित तीर्थ है। जलियांवाला बाग भारत के लोगों के बलिदान, संघर्ष का गवाह है। वह तपस्या, वह संघर्ष जो हमने सालों किया है। जिसे हमने अपना जीवन देकर जीवित रखा है। जलियांवाला बाग की मिट्टी सिर्फ मिट्टी नहीं है। हमारे लिए ऐसा चंदन है जिसे हर भारतीय माथे पर लगाकर गौरवान्वित होता है और बलिदानियों की श्रद्धा में अपना सिर झुका लेता है। इस मिट्टी के हर कण में हमारे पुरखों का खून शामिल है। इस मिट्टी से शहीदों के बलिदान की आज तक खुशबू आती है। यही वजह थी कि सरकार ने फैसला किया कि इस पवित्र मिट्टी को हमारे राष्ट्रीय संग्रहालय में होना चहिए। जिसका दर्शन करके हमारे देशवासी अपनी कृतज्ञता ज्ञापित कर सकें, आने वाली पीढिय़ां इस बलिदान से परिचित हो सकें। बलिदान और देशभक्ति की प्रतीक यह मिट्टी हमारी राष्ट्रीय धरोहर के रूप में स्थापित हो सके। सह संयोजक जावेद मरावी  ने बताया कि यह पवित्र मिट्टी कलश यात्रा हमारे समनापुर मुख्यालय में पहुंची ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है आज संदेश यात्रा के माध्यम से हम पूरे प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश को जलियांवाला बाग में हुए नरसंहार की याद दिलाना चाहते हैं यही हमारी उन शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी कार्यक्रम में सैकडों की संख्या में ग्रामीण  मौजूद होकर यात्रा का स्वागत वंदन अभिनंदन किया।

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