बिछड़ी बालिका सोशल मीडिया की मदद से मिली
आरपीएफ पुलिस व व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्यों की रही अहम भूमिका
बामनिया (प्रितेश जैन) - मंगलवार एक छोटी सी लड़की जिसकी उम्र 3 से 4 साल लगभग थी जो बामनिया रेलवे स्टेशन पर घूमती हुई दिखाई दी। जिसे आरपीएफ पुलिस तत्काल अपनी कस्टडी में लिया और उससे पूछताछ की तो छोटी सी बच्ची जो कुछ भी नहीं बोल पा रही थी ,वह केवल रो रही थी। वह अकेले कैसे प्लेटफार्म पर आ गई इसका पता भी नहीं लग पा रहा था, तभी पुलिस ने उसका फोटो क्लिक कर सभी व्हाट्सएप ग्रुप पर भेज दिया, जहां से व्हाट्सएप पर मैसेज शेयर होते-होते कैलाश वसुनिया के मोबाइल पर पहुंचा जहां से उन्होंने उसे अपने सभी व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया था। जिसे देख कर अंग्रेजी शिक्षिका श्रीमती शोभा मुजाल्दे ने तुरंत पहचान कर बताया कि ये बालिका मेरी पड़ोस की है , तभी कैलाश वसुनिया ने मेसेज में दिए गए नम्बर पर मदनसिंह वास्केल को कॉल किया कि ये बालिका चौकीदार फलिया बामनिया की रहने वाली है, तब श्री वास्केल ने बताया कि बालिका हमारे पास grpf चौकी बामनिया में सुरक्षित है ,परिजन को भेजकर बालिका को ले जाने का कहा। तब कन्या संकुल बामनिया में ही कार्यरत जनशिक्षक श्री राजू निनामा को बताया गया तो उन्होंने बताया ये बालिका मेरी भांजी है ओर आनन फानन में निनामा अपने जन शिक्षक साथी दीपक वसुनिया व परिजन को रेलवे पुलिस चौकी पर पहुंच कर सारी आवश्यक कार्यवाही पूरी की व उसके बाद पुलिस ने माता पिता को उनकी बालिका सुपुर्द की।
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