बसंती पंचमी पर्व पर अभा साहित्य परिषद् ने किया कार्यक्रम
बाल रचनाएं प्रस्तुत कर विद्यार्थियों को किया आनंदित
झाबुआ (अली असगर बोहरा) - अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा बसंत पंचमी के पुनित अवसर पर मां सरस्वतीजी के जन्मोत्सव को शहर के समीपस्थ शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय ग्राम मिंडल में हर्षोल्लासपूर्वक संस्था के प्रधानाध्यापक गिरजेन्द्र चतुर्वेदी के मार्गदर्षन में मनाया गया। कार्यक्रम के संयोजक अभा साहित्य परिषद् के जिलाध्यक्ष भेरूसिंह चैहान तरंग रहे।
सर्वप्रथम मां सरस्वतीजी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वजलन वरिष्ठ साहित्यकार डाॅ. रामषंकर चंचल, डाॅ. वादिह शेख फराज, पीडी रायपुरिया, भेरूसिंह चैहान तंरग एवं सुश्री लता देवल ने किया। बाद समस्त स्टाॅफ एवं विद्यार्थियों ने भी माता की तस्वीर पर पुष्प अर्पण किए। तत्पश्चात् भेरूसिंह चैहान ‘तरंग’ ने स्व रचित काव्य रचना ‘‘हे हंस वादिनी वेद धारिणी ज्ञान का दीप जला दो, मानवता का पाठ पढ़ेे, सब को ऐसा मंत्र बता दो, प्रस्तुति के साथ ही बाल काव्य रचनाएं सुनाई और जमकर तालियां बटोरी। डाॅ. वाहिद शेख फराज ने भी राष्ट्रीय भावनाओं से ओत-प्रोत रचना सुनाकर वाह-वाही लूटी। पीडी रायपुरिया ने बच्चों की रचना सुनाई, जिसे काफी सराहा गया। सुश्री लता देवल ने भी अपने विचार पटल पर रखे। डाॅ. रामषंकर चंचल ने ‘‘एक तुलसी भेज देना’’ काव्य रचना के साथ ही बच्चों की रचनाएं भी सुनाई।
मां सरस्वतीजी का चित्र एवं रचना संस्था को भेंट की
इस अवसर पर साहित्यकारों ने बसंत पंचमी के महत्व एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके जीवन वृतांत पर भी प्रकाष डाला। परिषद् की ओर से डाॅ. रामषंकर चंचल ने मां सरस्वतीजी का रंगीन चित्र एवं भेरूसिंह चोहान ‘तरंग’ ने मां सरस्वतीजी की स्वरचित काव्य रचना संस्था को भेंट की। कार्यक्रम में स्कूल की छात्रा कु. आषा, सबीर, पायल, राधिका, अरविन्द, अंकुष, चमेली, काली, आषा, रतन आदि ने भी कविताएं सुनाई।
यह रहे उपस्थित
कार्यक्रम का सफल संचालन भेरूसिंह चैहान ‘तरंग’ ने किया एवं आभार स्कूल षिक्षिका श्रीमती सुधा भूरिया ने माना। इस अवसर पर श्रीमती दया चरपोटा, संगीता मुजाल्दा, कु. सुनिता बामनिया, कुसुम आर्य सहित समस्त स्टाॅफगण एवं विद्यार्थी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम पश्चात् अन्य शैक्षणिक संस्थाओं को भी मां सरस्वतीजी के चित्र एवं काव्य रचनाएं परिषद् की ओर भेंट की गई। परिषद् के माध्यम से डाॅ. चंचल एवं श्री तरंग द्वारा गत 3 वषो्रं से बसंत पंचमी पर माता का चित्र एवं काव्य रचनाएं विभिन्न शैक्षणिक संस्थओं को भेंट करते आ रहे है।
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